लखनऊ के गुरुकुल से लौटाया गया शव, गांव में शोक; पुलिस ने शुरू की जांच
कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां लखनऊ स्थित गुरुकुल में पढ़ने गए 11 वर्षीय बालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्चे का शव घर पहुंचने के बाद परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
महाराजपुर थाना क्षेत्र के गौरिया गांव निवासी नरेंद्र उर्फ पप्पू द्विवेदी के इकलौते पुत्र दिव्यांश उर्फ दीपू (11) को 15 अप्रैल को लखनऊ स्थित रामानुज भागवत वेद विद्या गुरुकुल में पढ़ाई के लिए भेजा गया था।
परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह गुरुकुल संचालक ने फोन कर बताया कि बच्चा बीमार है और सीढ़ियों से गिर गया है। इसके कुछ समय बाद संचालक बच्चे को वाहन से गांव लेकर पहुंचे और घर के बाहर छोड़कर चले गए। परिजन तत्काल बच्चे को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्चे के शरीर पर चोट के निशान थे, जिससे किसी अनहोनी की आशंका जताई जा रही है।मृतक के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, सूचना पर एडीसीपी पूर्वी अंजली विश्वकर्मा और एसीपी चकेरी अभिषेक कुमार पांडेय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य एकत्र किए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम पैनल और वीडियोग्राफी के माध्यम से कराया जाएगा ताकि मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा सके।


