ओपीडी में लाइन में लगकर कराया आंखों का परीक्षण, ट्रॉमा सेंटर में 700 और क्रिटिकल केयर ब्लॉक में 100 नए बेड बनने की कही बात
Kanpur । हैलट अस्पताल में बुधवार को उस समय मरीज और तीमारदार हैरान रह गए, जब गोविंद नगर से भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल की ओपीडी, वार्ड और परिसर का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखी। इस दौरान विधायक ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर इलाज, दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों के व्यवहार और अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सबसे अलग तस्वीर तब देखने को मिली, जब विधायक सुरेंद्र मैथानी ने किसी विशेष व्यवस्था का सहारा लेने के बजाय सामान्य मरीजों की तरह ओपीडी की लाइन में खड़े होकर वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी मोहन से अपनी आंखों का नियमित परीक्षण कराया। उन्हें अपने बीच देखकर मरीजों और तीमारदारों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं।

विधायक ने सफाईकर्मियों, सुरक्षा गार्डों और वार्ड बॉय से भी बातचीत कर उनकी कार्यप्रणाली और अस्पताल की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
विधायक ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का भरोसा काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब हैलट अस्पताल की ओपीडी में सीमित मरीज पहुंचते थे, लेकिन अब प्रतिदिन पांच हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए यहां आ रहे हैं। उन्होंने इसे स्वास्थ्य सुविधाओं में हुए सुधार का परिणाम बताया।

विधायक ने बताया कि आने वाले समय में हैलट अस्पताल की सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा। ट्रॉमा सेंटर में 700 नए बेड और 100 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाया जाएगा, जिससे गंभीर मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था में कभी-कभी छोटी-मोटी कमियां सामने आ सकती हैं, लेकिन उनका उद्देश्य हर मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

सुरेंद्र मैथानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि कानपुर को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कैंसर, चेस्ट और कार्डियोलॉजी अस्पतालों में आधुनिक उपकरण, विशेषज्ञ चिकित्सकों और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए भी हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।


