इलाज और पढ़ाई के बाद अब रोजगार की व्यवस्था, सीएसआर के तहत मिली मदद
Kanpur । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी समस्याएं लेकर पैदल लखनऊ पहुंची 19 वर्षीय दिव्यांग खुशी गुप्ता और उसके परिवार के जीवन में अब लगातार बदलाव दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहले खुशी का इलाज कराया गया, फिर उसकी पढ़ाई की व्यवस्था हुई और अब परिवार की आजीविका के लिए भी स्थायी सहारा मिल गया है।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने खुशी के पिता कल्लू गुप्ता को निःशुल्क ई-रिक्शा की चाबी सौंपी। यह ई-रिक्शा एनआरजे इलेक्ट्रिक मोटर व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड ने अपने सीएसआर फंड के तहत उपलब्ध कराया, जबकि वाहन का पंजीकरण खुशी की मां गीता गुप्ता के नाम कराया गया है।
कल्लू गुप्ता पहले किराये का ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। कुछ समय पहले सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई थी। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने परिवार को अपना ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की पहल की, ताकि उन्हें नियमित आय का साधन मिल सके और परिवार आत्मनिर्भर बन सके।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर फरवरी 2026 में खुशी का सफल कॉक्लियर इम्प्लांट कराया गया। अब वह पहले से बेहतर सुन और समझ पा रही है तथा स्पीच थेरेपी की मदद से बोलना भी शुरू कर चुकी है। साथ ही उसकी शिक्षा के लिए लखनऊ के आवासीय विशेष विद्यालय में कक्षा नौ में प्रवेश भी कराया गया है।
ई-रिक्शा मिलने पर खुशी ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। उसकी मां गीता गुप्ता ने कहा कि अब परिवार को इलाज, पढ़ाई और रोजी-रोटी की चिंता काफी हद तक दूर हो गई है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाकर सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना है।


