सस्टेनेबल कम्प्यूटिंग एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स पर हुआ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
सस्टेनेबल कम्प्यूटिंग पर वैश्विक मंथन
Kanpur ।छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) और ऑरेल व्लाइकु यूनिवर्सिटी ऑफ अराद, रोमानिया एवं मेक्सिको के टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेसीनिलो के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “ का शुभारंभ हुआ। दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन का शुभारंभ कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, मुख्य अतिथि प्रो. फाल्गुनी गुप्ता (पूर्व प्रोफेसर, आईआईटी कानपुर एवं पूर्व निदेशक NITTTR, कोलकाता), प्रति कुलपति प्रोफेसर सुधीर कुमार अवस्थी, कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा, डीन अकादमिक प्रोफेसर दृष्टि मित्रा, निदेशक डॉ. आलोक कुमार, कॉन्फ्रेंस कन्वीनर प्रो. रॉबिंस पोरवाल एवं डॉ. अजीत कुमार श्रीवास्तव द्वारा किया गया।

यह सम्मलेन एएनआरएफ के वित्तीय सहयोग से कराया जा रहा है। सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं उद्योग विशेषज्ञों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिल रही है।उद्घाटन सत्र में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि “आज के युग में सस्टेनेबल कम्प्यूटिंग और इंटेलिजेंट सिस्टम्स केवल तकनीकी विषय नहीं हैं, बल्कि यह मानव जीवन को अधिक सक्षम, सुरक्षित एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

विश्वविद्यालय का उद्देश्य शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए वैश्विक स्तर पर अकादमिक उत्कृष्टता स्थापित करना है।” उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों को इस सफल आयोजन हेतु शुभकामनाएं दीं।मुख्य अतिथि प्रो. फाल्गुनी गुप्ता (पूर्व निदेशक – NITTTR, कोलकाता) ने अपने उद्बोधन में कहा कि “कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विज्ञान एवं सस्टेनेबल तकनीकों का समन्वय भविष्य की दिशा तय करेगा और इनका समन्वय समाज के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच शोधकर्ताओं को न केवल अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि वैश्विक सहयोग को भी सुदृढ़ करते हैं। ऑरेल व्लाइको यूनिवर्सिटी ऑफ अरद, रोमानिया की distinguished प्रो. वेलेंटीना एमीलिया बालास ने अपने ऑनलाइन संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की सराहना करते हुए, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक एवं सम्मलेन के आयोजकों को सफल आयोजन की शुभकामनाएं दीं।
प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने अपने संबोधन में कहा कि “यह सम्मेलन विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और शोध क्षमता का प्रतीक है। 600 से अधिक शोध पत्रों की प्राप्ति इस बात का प्रमाण है कि यह मंच शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।सम्मेलन संयोजकों ने जानकारी दी कि इस आयोजन में 600+ शोध पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें 18 देशों एवं भारत के 15+ राज्यों से प्रतिभागियों ने भाग लिया है।
दो दिवसीय इस सम्मेलनमें25+International keynote speakers अपने विचार प्रस्तुत करेंगे तथा 20 तकनीकी सत्रों का आयोजन हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में किया जाएगा।
इस अवसर पर विभिन्न प्रकाशन सहयोगी संस्थाओं जैसे SCITEPRESS, Bentham Science एवं Wiley Scivener द्वारा चयनित शोध पत्रों के प्रकाशन की व्यवस्था भी की गई है।कार्यक्रम के अंत में कांफ्रेंस को सफल बनाने में सभी जुड़े लोगों का धन्यवाद ज्ञापन, प्रो. रॉबिंस पोरवाल द्वारा प्रस्तुत किया गया।


