Kanpur। कानपुर चेस एसोसिएशन की ओर से गोविंदनगर स्थित वैदिक धर्मशाला में प्रथम क्लासिकल शतरंज प्रतियोगिता का समापन रविवार को हुआ। प्रतियोगिता के दूसरे दिन अंतिम तीन राउंड के मुकाबले खेले गए, जिसमें खिलाड़ियों ने शानदार रणनीति और कौशल का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता का सबसे आकर्षक मुकाबला चौथे राउंड में दूसरे बोर्ड पर विकास निषाद और सत्येंद्र सिंह के बीच देखने को मिला। सफेद मोहरों से खेलते हुए विकास निषाद ने ई-4 चाल से शुरुआत की, जबकि काले मोहरों के साथ सत्येंद्र सिंह ने जी-6 डिफेंस अपनाया। शुरुआती 15 चालों के बाद खेल पूरी तरह खुल गया और दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। 25वीं चाल तक पहुंचते-पहुंचते विकास निषाद ने बिशप-नाइट एंडिंग में शानदार रणनीति के तहत आउटसाइड पास्ड पॉन बनाकर दबाव बनाया,
जिसके बाद सत्येंद्र सिंह ने मुकाबला छोड़ते हुए हार स्वीकार कर ली। इसी प्रकार से अन्य मुकाबले भी खेले गए। प्रतियोगिता के समापन पर मुख्य अतिथि व वरिष्ठ शतरंज खिलाड़ी आलोक गुप्ता ने विजेता खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार व ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतियोगिता के मुख्य आर्बिटर बाल गोविंद अवस्थी ने परिणामों की घोषणा की, जबकि विकास निषाद ने सहायक आर्बिटर की भूमिका निभाई। इस मौके पर कानपुर चेस एसोसिएशन के सचिव दिलीप श्रीवास्तव समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
प्रतियोगिता के प्रमुख परिणाम:::4.5 अंक के साथ ऋषभ निषाद पहले, 4 अंक के साथ विकास निषाद दूसरे, 4 अंक के साथ श्रेष्ठ यादव तृतीय, 3.5 अंक के साथ अभिजीत गुरहा चौथे व संतोष श्रीवास्तव पांचवें स्थान पर रहे।विशेष पुरस्कार में श्रेष्ठ वरिष्ठ खिलाड़ी सुरेंद्र कुमार मिश्रा, श्रेष्ठ महिला खिलाड़ी भक्ति टेकवानी, सबसे जूनियर खिलाड़ी विवान श्रीवास्तव को भी पुरस्कृत किया गया।


