Harare। ऑस्ट्रेलिया ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे और अंतिम टी20 मैच को अंतिम गेंदब पर जीतकर तीन मैचों की सीरीज में क्लीन स्वीप किया है। इस बेहद रोमांचक मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम को अंतिम गेंद पर जीत मिलने के साथ ही मेजबान टीम के प्रशंसकों का सपना टूट गया।
मेजबान टीम जिम्बाब्वे इस मैच में जीत के बेहद करीब पहुंचकर भी उसे हासिल नहीं कर पायी। जब एक गेंद, एक रन और ऑस्ट्रेलिया का आखिरी विकेट जीत और हार के बीच झूल रहे थे तब किस्मत ने ऑस्ट्रेलिया का साथ दिया। जिससे वह रोमांचक मुकाबले में 1 गेंद शेष रहते 1 विकेट से जीत दर्ज करने में सफल रही। यह मुकाबला अंतिम सांसों तक चला, जिसने क्रिकेट प्रेमियों की सांसें थम गयीं।
वहीं इससे पहले, जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए 271 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। कप्तान सिकंदर रजा ने कप्तानी पारी खेलते हुए 81 रनों का योगदान दिया, जबकि क्रेग एर्विन ने 59 और इनोसेंट काइया ने 55 रन बनाए। यह एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य था, और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने अपनी टीम को मैच में बनाए रखने का भरसक प्रयास किया।
इसके बाद 272 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान मिचेल मार्श महज 8 रन और खतरनाक ट्रेविस हेड सिर्फ 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। ब्रैड इवांस की धारदार गेंदबाजी ने शुरुआती झटकों से टीम को मुश्किल में डाल दिया। ऐसे वक्त में जोश इंग्लिस और कूपर कोनोली ने तीसरे विकेट के लिए 52 रनों की जुझारू अर्धशतकीय साझेदारी कर पारी को संभाला, हालांकि कोनोली 21 रन पर आउट हो गए।
इसके बाद, इंग्लिस ने एलेक्स कैरी (34) के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 85 रनों की बेहद महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिससे ऑस्ट्रेलिया लक्ष्य की ओर बढ रही थी पर तभी कैरी के आउट होते ही मैच पलट गया। ऑस्ट्रेलियाई मध्यक्रम ढ़ह गया जिसके बाद टीम अचानक 206 रन पर 7 विकेट गंवाकर गहरे संकट में आ गई, जिससे जिम्बाब्वे के खेमे में जीत की नई उम्मीद जग गई।
इन सब के बीच इंग्लिस एक एक छोर पर डटे रहे। उन्होंने दबाव की परिस्थितियों में अपनी परिपक्वता का परिचय देते हुए 102 गेंदों में 103 रनों की अनुशासित शतकीय पारी खेली।मैच पूरी तरह रोमांचक मोड़ पर था, जब 42वें ओवर की पहली गेंद पर सिकंदर रजा ने इंग्लिस को आउट कर मैच में सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया।
इंग्लिस के आउट होते ही जिम्बाब्वे की जीत सुनिश्चित लग रही थी, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया को अभी भी 45 रनों की दरकार थी और उसके पास विकेट नहीं बचे थे। देखते ही देखते 245 के कुल स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया का नौवां विकेट भी गिर गया। जिम्बाब्वे अब जीत से केवल एक विकेट दूर था, जबकि ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए करिश्मे की जरूरत थी।ऐसे रोमांचक मोड़ पर नेथन एलिस और स्पेंसर जॉनसन ने अपनी टीम को जीत दिलाकर इतिहास रच दिया।


