Colombo। श्रीलंका के पूर्व सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या ने वैभव सूर्यवंशी की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह एक अलग प्रकार की प्रतिभा है और उसका ध्यान रखने की जरुरत है। जयसूर्या ने कहा कि वैभव पर अभी से अधिक दबाव नहीं डाला जाना चाहिये कयोंकि वह भारतीय क्रिकेट का भविष्य है। साथ ही कहा कि उन्हें मैदान में उतारने में अभी जल्दबाजी न करें।
हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल होने के बाद भी वैभव को मैदान पर उतरने का अवसर नहीं मिला, क्योंकि टीम प्रबंधन ने सलामी बल्लेबाज के रूप में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा पर ही भरोसा जताया।
जयसूर्या ने इसे सही बताते हुए कहा, वह वाकई एक खास प्रतिभा है। मुझे पूरा विश्वास है कि वह भारत का भविष्य है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवा खिलाड़ी के पास अभी बहुत समय है और उसे प्रदर्शन करने के लिए धैर्य रखकर उचित अवसर की प्रतीक्षा करनी चाहिये। साथ ही कहा उसे अपना खेल दिखाने का मौका दीजिए, और वह निश्चित रूप से अच्छा करेगा,।
अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के करण लोकप्रिय रहे जयसूर्या ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि जब भी वैभव को अवसर मिलेगा, वह उसे पूरी तरह से भुनाने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा, मौके मिलेंगे। वह किस स्थान पर खेलेगा, यह मैं नहीं कह सकता, यह हालातों पर निर्भर करता है। लेकिन जब उसे मौका मिलेगा, वह उसे जरूर भुनाएगा। इसलिए हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा।
हालांकि, जयसूर्या ने चयनकर्ताओं के फैसलों या बल्लेबाजी क्रम पर सीधा टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन उन्होंने वैभव की प्रतिभा पर अपना दृढ़ विश्वास दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों को भी लगातार उच्च स्तर पर प्रदर्शन करते रहना होगा, क्योंकि भारत में क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा अत्यंत तीव्र है। हर खिलाड़ी में अलग-अलग प्रतिभा होती है और वे अभ्यास तथा ट्रेनिंग में कड़ी मेहनत करते हैं। भारत में हमेशा ऐसे खिलाड़ी तैयार रहते हैं जो उनकी जगह लेकर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। यहां प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा है,।
इस पूर्व दिग्गज ने भारतीय क्रिकेट के समग्र उच्च स्तर की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत सभी तीनों प्रारूपों एकदिवसीय , टी20 और टेस्ट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है, जो कि आसान उपलब्धि नहीं है। जयसूर्या के अनुसार, भारतीय खिलाड़ियों में अपने देश के लिए खेलने का जुनून बेमिसाल है।
और यही कारण है कि बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी लगातार उभर रहे हैं और राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने की आकांक्षा रखते हैं। उन्होंने कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े आयोजनों को भी सराहा, क्योंकि वे ऐसे खिलाड़ियों को मंच प्रदान करते हैं जिन्हें क्लब या राज्य स्तर पर खेलने के अधिक अवसर नहीं मिल पाते। जयसूर्या का मानना है कि इस तरह के आयोजन भारतीय क्रिकेट की गहराई और मजबूती के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकते हैं।


