20 साल पहले यूपी को दिलाया था इकलौता रणजी खिताब, 30 सितंबर की एजीएम में होगा कोचिंग स्टाफ पर फैसला
Kanpur। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) इस बार सीनियर टीम के कोच की कमान अपने उस पूर्व खिलाड़ी को देने जा रही है कि जिसने 20 साल पहले उसे एकमात्र रणजी खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभायी थी। हालांकि पिछले प्रदर्शन को देखते हुए इसमें थोड़ा पेंच भी फंसा हुआ है।
जिससे उम्मीद जतायी जा रही है कि यूपीसीए पहली बार सीनियर टीम में दो कोच रखकर नया प्रयोग कर सकता है। जिसमें लाल और सफेद गेंद के अलग-अलग कोच रह सकते हैं। हालांकि इसकी पुष्टि 30 सितम्बर को कानपुर में होने वाली वार्षिक आम सभा (एजीएम) में होगी।
वर्ष 1934 से खेली जा रही देश की सबसे बड़ी क्रिकेट प्रतियोगिता रणजी ट्रॉफी के इतिहास में आज तक यूपीसीए केवल वर्ष 2006 में मोहम्मद कैफ की कप्तानी में खिताब जीत पाया है। इसके बाद आजतक टीम खिताब के लिए तरस रही है। टीम को कामयाबी दिलाने के लिए यूपीसीए ने हालांकि अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी। टीम अच्छा प्रदर्शन कर सके इसके लिए यूपीसीए ने देश ही नहीं विदेशी कोच तक को रखा लेकिन नतीजा कुछ खास नहीं रहा।
बाहरी कोच से उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न निकलता देख यूपीसीए अपने पूर्व खिलाड़ियों पर पुनः भरोसा जताते हुए कमान सौंपना चाहता है। इसके पीछे प्रमुख कारण टीम के खिलाड़ियों का कोच संग आपसी तालमेल बेहतर हो सके और वह साथ मिलकर प्रदर्शन को बेहतर बना सके।
एजीएम में पुरुष सीनियर टीम के अलावा जूनियर व महिला टीमों के भी कोचिंग स्टाफ घोषित किये जायेंगे। जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया भी समाप्त हो चुकी है और देशभर से कई आवेदन आए हैं, जिसका फैसला भी एक-दो दिन में ले लिया जायेगा।


