Kanpur । देश की सबसे बड़ी घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिता रणजी ट्रॉफी के तीन मुकाबलों की मेजबानी ग्रीन पार्क स्टेडियम को मिल गयी है। जीर्णोद्धार से पहले ग्रीन पार्क में यह तीनों अहम मुकाबले शहरवासियों के लिए काफी यादगार साबित हो सकते हैं। हालांकि वर्ष 2007 में एकमात्र रणजी खिताब जीत सकी उप्र की टीम का पिछले कुछ वर्षों से प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। इस बार टीम के नए कोच की तलाश भी शुरू हो चुकी है जिसकी घोषणा 30 सितम्बर को कानपुर में होने वाली वार्षिक आम सभा में की जायेगी।
देश के शीर्ष पांच क्रिकेट स्टेडियम में एक ग्रीन पार्क का कायाकल्प करने के लिए प्रदेश सरकार ने 350 करोड़ रुपए का बजट पास किया है। इसके लिए पिछले दिनों डीपीआर और डिजाइन तैयार करने के लिए आर्किटेक्चरल कंसल्टेंट नियुक्त करने का टेंडर जारी किया है। जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद फरवरी माह से पहले नहीं की जा रही है। इस बाबत यूपीसीए ने यहां मिले तीनों रणजी मैचों की मेजबानी ग्रीन पार्क को देने का फैसला किया है। जिसका प्रमुख कारण यहां की काली मिट्टी की पिचें है, जिसका फायदा मेजबान टीम उठाना चाहेगी। यूपीसीए को इस सीजन में सात रणजी मैच खेलने हैं, जिसमें तीन मैच उसे आयोजित करने हैं।
पहले चरण में दो घरेलू मैचों में पहला 18 से 21 अक्टूबर तक यूपी और गोवा तथा दूसरा यूपी और बड़ौदा का 2 से 5 नवम्बर तक खेला जायेगा। इसके बाद दूसरे चरण में यूपी और जम्मू-कश्मीर के मध्य 24 से 27 जनवरी तक मैच खेला जाना है।
ग्रीन पार्क स्टेडियम का कायाकल्प शुरू होने में अभी थोड़ा समय लग रहा था इसलिए यूपीसीए ने तीनों रणजी मैच यहां कराने का फैसला किया। यूपी टी-20 लीग के बाद शहरवासियों के लिए यह तीनों रणजी मैच काफी यादगार होंगे।
– डा.संजय कपूर, को-चेयरमैन यूपीसीए मीडिया कमेटी


