Mumbai । बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना ने बताया कि उन्हें हिंदी सिनेमा से प्रेम 1994 की फिल्म हम आपके हैं कौन देखने के बाद हुआ था। अभिनेता आयुषमान खुराना ने कहा, मुझे याद है कि मैंने हम आपके है कौन में कई परिवार थे और उस फिल्म को देखने के बाद मुझे प्रेम से प्यार हो गया था, मुझे हिंदी सिनेमा और हमारे परिवार की ताकत से प्रेम हो गया था।
अभिनेता आयुष्मान ने यह भी बताया कि उन्हें अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि वे राजश्री प्रोडक्शन के हीरो बन गए हैं, जो उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा है। यह बयान राजश्री फिल्मों के उनके व्यक्तिगत प्रभाव और भारतीय पारिवारिक मूल्यों के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है। अभिनेता ने राजश्री प्रोडक्शन हाउस के साथ अपने जुड़ाव पर बात करते हुए कहा कि यह रिश्ता सिर्फ उनका नहीं बल्कि, पूरे देश के परिवारों से जुड़ा है। उन्होंने कहा, राजश्री के साथ मेरा जो रिश्ता है, वो सिर्फ मेरा नहीं है, वो पूरे हिंदुस्तान का है, सभी परिवारों का है।
सभी परिवारों को एक साथ लाने की जो जिम्मेदारी उन्होंने फिल्मों के ज़रिए उठाई है, मुझे लगता है यह बहुत ही खूबसूरत है। आयुष्मान का यह कथन राजश्री फिल्मों के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करता है। आयुषमान खुराना ने डायरेक्टर सूरज बड़जात्या से जुड़ा एक किस्सा भी साझा किया, जो उनकी विनम्रता और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि कैसे फिल्ममेकर उनकी वैनिटी वैन में घुसने से पहले अपने जूते उतार देते थे। आयुष्मान ने याद करते हुए कहा, मैं कहता था, सर प्लीज जूते मत उतारिए, वैनिटी में आ जाइए। लेकिन वो कभी सुनते ही नहीं थे। वो जूते उतार कर आते थे, मैं उनके चरण स्पर्श करता था और वो कहते थे आयुष्मान भव और फिर वो मुझे सीन समझाते थे। मुझे लगता है कि यह सिर्फ बचपन का सपना नहीं है।
इसलिए राजश्री और उनकी लेगेसी के लिए तालियां बजनी चाहिए। यह किस्सा भारतीय सिनेमा में गुरु-शिष्य परंपरा और सम्मान के महत्व को उजागर करता है। फिल्म ये प्रेम मोल लिया एक पारिवारिक और रोमांटिक ड्रामा है, जिसमें पहली बार आयुष्मान और शरवरी वाघ साथ में स्क्रीन पर नज़र आएंगे।


