प्लेटफॉर्म पर भटक रहे बालक और वंदे भारत से पहुंची बच्ची को चाइल्ड लाइन को सौंपा गया
Kanpur । कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता से दो नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। एक बच्चा प्लेटफॉर्म पर लावारिस हालत में घूमता मिला, जबकि दूसरी बच्ची अलीगढ़ से अकेले वंदे भारत एक्सप्रेस में बैठकर कानपुर पहुंच गई थी। दोनों को काउंसलिंग के बाद चाइल्ड लाइन टीम के सुपुर्द कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे एएसआई सुनीता अपनी टीम के साथ प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर गश्त कर रही थीं। इसी दौरान गीता प्रेस बुक स्टॉल के पास करीब नौ वर्षीय बालक संदिग्ध हालत में घूमता दिखाई दिया। पूछताछ में बच्चा घबराया हुआ था। आरपीएफ टीम उसे पोस्ट लेकर आई, जहां बातचीत में उसने अपना नाम शिवा और खुद को बनारस का निवासी बताया। बच्चे ने कहा कि वह मां की डांट से नाराज होकर घर से निकल आया था।
वंदे भारत से अकेले पहुंची बच्ची
इसी बीच कमर्शियल कंट्रोल से सूचना मिली कि गाड़ी संख्या 22426 वंदे भारत एक्सप्रेस में एक नाबालिग बच्ची अकेले सफर कर रही है और ट्रेन कानपुर आने वाली है। सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम सक्रिय हो गई। प्लेटफॉर्म नंबर-7 पर ट्रेन पहुंचने के बाद हेड कांस्टेबल वंदना पचौरी ने कोच सी-4 में जाकर बच्ची को सुरक्षित उतारा।
पूछताछ में बच्ची ने अपना नाम एमा नवेद खान निवासी अलीगढ़ बताया। उसने बताया कि वह सुबह घर से बिना बताए निकल गई थी और ट्रेन में बैठकर कानपुर पहुंच गई।
चाइल्ड लाइन को सौंपे गए दोनों बच्चे
मामले की जानकारी तुरंत चाइल्ड लाइन को दी गई। सूचना मिलने पर कोऑर्डिनेटर प्रतीक धवन, सुपरवाइजर रुबीना, केस वर्कर उमाशंकर और भानु प्रताप सिंह आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। आवश्यक कागजी कार्रवाई और प्राथमिक काउंसलिंग के बाद दोनों बच्चों को चाइल्ड लाइन टीम के सुपुर्द कर दिया गया।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि दोनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। अब उन्हें परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


