Kanpur। कानपुर के चर्चित वार्ड बॉय अंकित त्रिवेदी हत्याकांड में चकेरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी सत्यम मिश्रा को पुलिस ने उन्नाव के बागरमऊ गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, अंकित की हत्या उसके ही दोस्तों ने पैसों के लालच में सुनियोजित तरीके से की थी।
सरकारी नौकरी और खाते में रकम बनी मौत की वजह
चकेरी निवासी 37 वर्षीय अंकित त्रिवेदी बाराबंकी के सिद्धौर ब्लॉक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वार्ड बॉय था। 16 अप्रैल की शाम वह ड्यूटी से लौटने के बाद पत्नी से फतेहपुर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। अगले दिन पिता विष्णुचंद्र त्रिवेदी ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस को अंकित की कार फतेहपुर के हथगांव क्षेत्र में लावारिस हालत में मिली। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और पूछताछ से हत्या की पूरी साजिश सामने आई।
दोस्त ने ही रची थी मौत की पटकथा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सत्यम मिश्रा और उसके साथियों को पता था कि अंकित सरकारी नौकरी करता है और उसके खाते में अच्छी रकम रहती है। इसी लालच में हत्या की योजना बनाई गई।
योजना के तहत आरोपी रेहान ने अंकित से कार बुक करवाई और उसे फतेहपुर ले गया। रास्ते में सुनसान इलाके में लघुशंका का बहाना बनाकर कार रुकवाई गई। वहां पहले से मौजूद अन्य आरोपियों ने अंकित को पकड़ लिया और बैंक खाते का पासवर्ड मांगने लगे।
पासवर्ड नहीं मिला तो गला घोंट दिया
जब अंकित ने पासवर्ड बताने से इनकार किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद शव को बोरे में भरकर फतेहपुर के सुल्तान घोष इलाके में गंगा नदी में फेंक दिया गया।
हत्या के बाद भागते समय आरोपियों की कार का डीजल खत्म हो गया, जिससे वे वाहन छोड़कर फरार हो गए।
मुंबई भागा आरोपी, घर लौटते ही दबोचा गया
थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र के मुताबिक, मुख्य आरोपी सत्यम घटना के बाद ई-रिक्शा और ट्रेन से कानपुर पहुंचा और वहां से मुंबई भाग गया था। पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। दबाव बढ़ने पर वह वापस गांव लौटा, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में रेहान, शादाब और अल्तमश को पहले ही 2 मई को जेल भेजा जा चुका है। वहीं शादाब की बहन अफसाना अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं।


