227 शिकायतें पहुंचीं, 16 का मौके पर निस्तारण; 46 दिव्यांगजनों को मिले प्रमाण पत्र
Kanpur । घाटमपुर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियाद लेकर पहुंचे कई लोगों के लिए शिकायत दर्ज कराने के साथ ही समाधान भी हो गया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुए समाधान दिवस में 227 प्रकरण आए, जिनमें 16 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं, दिव्यांगजनों के लिए लगाए गए विशेष शिविर में 46 लोगों को मौके पर दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए गए।

भदवारा निवासी दीपनारायण राजस्व अभिलेख में नाम दुरुस्त कराने पहुंचे थे। तहसील प्रशासन ने कार्रवाई पूरी कर उन्हें संशोधित खतौनी की प्रति उपलब्ध करा दी। इसी तरह इर्रा निवासी अरविंद कुमार के नाम में संशोधन कर उन्हें भी मौके पर निशुल्क खतौनी दी गई। भदरस निवासी रामशंकर ने खतौनी में पिता का नाम ठीक कराने की मांग की थी। कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें संशोधित खतौनी सौंप दी गई।
दुरौली निवासी राकेश ने बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। उनकी जांच आख्या मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से बीमारी अनुदान के लिए जनपद स्तर पर भेजी गई। पड़री गंगादीन निवासी विकास कुमार सचान की पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र से संबंधित जांच आख्या भी तत्काल कानपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय भेजी गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को महज एक विभाग से दूसरे विभाग भेजकर औपचारिकता पूरी न की जाए। हर प्रकरण की जांच कर गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि शासनादेश के अनुसार सात दिन की समय-सीमा का पालन हो और लंबित प्रकरणों की प्रगति की निगरानी वह स्वयं करेंगे।
समाधान दिवस में राजस्व विभाग के सर्वाधिक 98 प्रकरण आए। पुलिस के 38, विकास विभाग के 31, नगर पालिका और विद्युत के 10-10, आपूर्ति के नौ और जल निगम के छह प्रकरण रहे। अन्य शिकायतें विभिन्न विभागों से संबंधित थीं।
46 दिव्यांगजनों को मौके पर प्रमाण पत्र
विशेष शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों के बोर्ड ने 69 दिव्यांगजनों का परीक्षण किया। इनमें 46 के यूडीआईडी कार्ड बनाकर प्रमाण पत्र दिए गए। 19 को आवश्यक जांच के लिए रेफर किया गया, जबकि चार आवेदन निरस्त हुए। 90 दिव्यांगजनों का सहायक उपकरण और छह का दिव्यांग पेंशन के लिए पंजीकरण किया गया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और सीडीओ अभिनव जे. जैन ने प्रमाण पत्र वितरित किए।


