कागजों में सबमर्सिबल पंप लगाने और फर्जी बिलों से भुगतान का भी आरोप, डीएम के निर्देश पर जांच शुरू
Kanpur । नगर निगम के केयरटेकर विभाग में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। विभाग में खानपान के नाम पर महज आठ महीने में करीब 73 लाख रुपये खर्च किए जाने से लेकर कागजों में सबमर्सिबल पंप लगाने और भुगतान कराने तक के आरोप लगाए गए हैं। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में किए जाने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच शुरू कर दी गई है।
सेवाग्राम कॉलोनी, दादानगर निवासी राकेश मिश्र ने केयरटेकर विभाग में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की है। उनका आरोप है कि विभाग में तैनात केयरटेकर ने अपने पारिवारिक सदस्यों और कुछ सहकर्मियों के साथ मिलकर फर्म बनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सेवानिवृत्त कर्मचारी के नाम पर फर्म बनाकर फर्जी बिलों के आधार पर भुगतान कराया गया।
खानपान पर 73 लाख खर्च का दावा
शिकायतकर्ता के मुताबिक केयरटेकर विभाग में खानपान के नाम पर आठ माह के दौरान करीब 73 लाख रुपये खर्च किए गए। आरोप है कि एक ही कंपनी के नाम से लगातार खरीदारी की गई। शिकायत में खरीद प्रक्रिया, बिलों और भुगतान की जांच कराने की मांग की गई है।
कागजों में लगे सबमर्सिबल पंप
मामले में सिर्फ खानपान के खर्च पर ही सवाल नहीं उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व केयरटेकर के कार्यकाल में कई स्थानों पर कागजों में ही सबमर्सिबल पंप लगाए गए और उनके नाम पर भुगतान कर दिया गया। इसके अलावा विकास कार्यों के लिए अधिकारियों द्वारा एडवांस राशि अपने खातों में लेने के आरोप भी लगाए गए हैं।
शिकायत डीएम कार्यालय पहुंचने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी नगर आलोक कुमार गुप्ता ने नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को पत्र भेजकर मामले की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। इसके बाद अपर नगर आयुक्त प्रथम को जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
नगर आयुक्त ने बताया कि पिछले करीब आठ वर्षों में केयरटेकर विभाग में कराए गए नए और पुराने कार्यों की जांच कराई जा रही है। जांच में भुगतान, बिल, खरीद और कराए गए कार्यों का मिलान किया जाएगा।
नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कहा, “अपर नगर आयुक्त प्रथम को जांच के आदेश दिए हैं। मामले की पूरी जांच कर जल्द रिपोर्ट देने को कहा है।”


