दो दिन में आवेदनों का सत्यापन कर अग्रसारित करने के निर्देश, लापरवाही पर प्रधानाचार्यों की तय होगी जिम्मेदारी
Kanpur । आर्थिक तंगी के कारण किसी पात्र छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने छात्रवृत्ति आवेदनों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में पूर्वदशम् (कक्षा 9-10) और दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की वर्चुअल समीक्षा के दौरान कहा कि संस्थान स्तर पर आवेदन लंबित रहने के कारण किसी पात्र छात्र को छात्रवृत्ति से वंचित होना पड़ा तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा में सामने आया कि कक्षा 9-10 के 5,967 और कक्षा 11-12 के 4,266 आवेदन शैक्षणिक संस्थानों के स्तर पर लंबित हैं। डीएम ने सभी आवेदनों का दो दिन में सत्यापन कर अग्रसारित करने के निर्देश दिए।
40 संस्थानों का मास्टर डाटा अधूरा
दशमोत्तर छात्रवृत्ति की समीक्षा में 40 शैक्षणिक संस्थानों में पोर्टल पर मास्टर डाटा अपडेट नहीं मिला। डीएम ने इसे 26 सितंबर तक हर हाल में पूरा कराने को कहा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति से वंचित विद्यार्थियों के आवेदन भी 28 सितंबर तक अग्रसारित करने के निर्देश दिए गए।
ज्यादा लंबित आवेदन वाले संस्थान रडार पर
कक्षा 9-10 और 11-12 के अधिक आवेदन लंबित रखने वाले जनसेवा इंटर कॉलेज प्रेमपुर, पं. गुरु प्रसाद गया प्रसाद इंटर कॉलेज, चौ. अयोध्या प्रसाद हायर सेकेंडरी स्कूल, यूनाइटेड एजूकेशन बिल्हौर, आयशा सिद्धिकी और हलीम मुस्लिम इंटर कॉलेज की भी समीक्षा की गई। इन्हें लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने कहा कि छात्रवृत्ति कार्य में लापरवाही या पात्र छात्र के वंचित रहने पर संबंधित प्राचार्य या प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी तय की जाएगी। गत वर्ष की तुलना में कम आवेदन कराने वाले कॉलेजों की भी समीक्षा कर कार्रवाई के निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक को दिए गए।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर/प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी बीरपाल और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमित प्रताप सिंह मौजूद रहे।


