राजनीतिक सौहार्द की मिसाल बनी पहल
Kanpur। कानपुर महानगर की सियासत में सोमवार को राजनीतिक सौहार्द और आपसी सम्मान की अनूठी तस्वीर देखने को मिली। आर्य नगर विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने चौक स्थित सवाई सिंह हाता के कंपोजिट सरकारी स्कूल में विधायक निधि से तैयार तीन स्मार्ट क्लासों का लोकार्पण भाजपा के दिवंगत पार्षद दीपक शर्मा की पत्नी दीपा शर्मा के हाथों कराया। सियासी माहौल में इस कदम की शहरभर में चर्चा रही।

करीब 25 लाख रुपये की लागत से तैयार इन स्मार्ट क्लासों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों, स्मार्ट बोर्ड और ऑडियो-विजुअल सिस्टम से लैस किया गया है। उद्घाटन समारोह में विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि दिवंगत भाजपा पार्षद दीपक शर्मा हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों पर काम करते थे। उन्होंने बताया कि स्कूल के विकास और स्मार्ट क्लास परियोजना में दीपक शर्मा का पूरा सहयोग और समर्थन रहा था।
श्रद्धांजलि के रूप में कराया लोकार्पण
विधायक ने कहा कि दीपक शर्मा के असमय निधन के बाद उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से ही यह फैसला लिया गया कि इस परियोजना का लोकार्पण उनकी पत्नी दीपा शर्मा से कराया जाए। कार्यक्रम के दौरान माहौल भावुक भी नजर आया।
चुनाव न लड़ाने का बड़ा एलान
समारोह में सपा विधायक ने एक बड़ा राजनीतिक एलान भी किया। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में दीपा शर्मा इस वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ती हैं तो समाजवादी पार्टी सम्मान स्वरूप उनके खिलाफ कोई प्रत्याशी नहीं उतारेगी। विधायक के इस बयान को राजनीतिक मर्यादा और व्यक्तिगत संबंधों की बड़ी मिसाल माना जा रहा है।
17 से बढ़कर 110 पहुंची छात्र संख्या
ब्रिटिश शासनकाल में वर्ष 1930 में बने इस कंपोजिट विद्यालय की स्थिति कभी बेहद खराब हो गई थी। वर्ष 2017 में यहां केवल 17 छात्र ही बचे थे, लेकिन लगातार सुधार और आधुनिक सुविधाओं के बाद अब छात्र संख्या बढ़कर 110 पहुंच चुकी है। बच्चों को प्रेरित करने के लिए स्कूल की कक्षाओं के नाम शहीद-ए-आजम भगत सिंह और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे महान व्यक्तित्वों के नाम पर रखे गए हैं।
कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय नागरिकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विधायक की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना था कि वर्तमान दौर में जहां राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी आम हो गई है, वहीं कानपुर से सामने आई यह तस्वीर लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी सम्मान को मजबूत करने वाली है।


