सुरार में बन रहा 180 करोड़ का अत्याधुनिक संस्थान, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य
Kanpur। बोलने और सुनने से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए अब उत्तर भारत के मरीजों और विद्यार्थियों को मैसूर का रुख नहीं करना पड़ेगा। कानपुर के सुरार क्षेत्र में बन रहा अखिल भारतीय वाक् एवं श्रवण संस्थान उन्हें एक ही छत के नीचे इलाज, प्रशिक्षण और शोध की सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

यह केंद्र देश का दूसरा और उत्तर भारत का पहला ऐसा संस्थान होगा।करीब 180 करोड़ रुपये की लागत से 81 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माणाधीन इस परियोजना को 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को निर्माण स्थल का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर और मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।
संस्थान में 102-102 छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास बनाए जा रहे हैं, जिससे देशभर से आने वाले विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिल सकेगी। साथ ही चिकित्सीय ब्लॉक और पूर्व-प्राथमिक ब्लॉक का निर्माण भी तेजी से जारी है। पूर्व-प्राथमिक ब्लॉक में छोटे बच्चों में शुरुआती स्तर पर ही वाक् और श्रवण समस्याओं की पहचान और उपचार की व्यवस्था होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण एनपीसीसी लिमिटेड द्वारा कराया जा रहा है, जबकि गुणवत्ता की निगरानी आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी कर रहा है। यहां अत्याधुनिक ऑडियोलॉजी लैब, वाक् चिकित्सा कक्ष और श्रवण परीक्षण इकाइयों समेत शोध व प्रशिक्षण की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
संस्थान के शुरू होने के बाद कानपुर समेत पूरे उत्तर भारत के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें बेहतर इलाज व प्रशिक्षण के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा।


