कॉरपोरेट खातों के जरिए करोड़ों की साइबर ठगी का नेटवर्क, कानपुर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Kanpur । कानपुर साइबर क्राइम पुलिस ने ‘CyVajra’ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए देशव्यापी साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक वैगनआर कार, छह मोबाइल फोन, चार एटीएम कार्ड, छह चेकबुक, चार पासबुक सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित लोगों को लोन या व्यापारिक सहायता का झांसा देकर उनके बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर, सिम कार्ड और दस्तावेज हासिल करते थे। इसके बाद एपीके फाइल और अन्य तकनीकी तरीकों से खातों का पूरा नियंत्रण अपने साथियों को सौंप देते थे, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने में किया जाता था। जांच में सामने आया कि गिरोह उत्तर प्रदेश के अलावा पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में सक्रिय था।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मंगल सिंह (उरई), बिजेंद्र यादव (मैनपुरी), अबी वकाश (बांदा) और राहुल शर्मा (इटावा) के रूप में हुई है। डिजिटल जांच में उनके मोबाइल फोन से आधार, पैन, लॉगिन आईडी, पासवर्ड और साइबर अपराध से जुड़े व्हाट्सएप चैट भी मिले हैं।
थाना साइबर क्राइम में आरोपितों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, सिम, ओटीपी या अन्य वित्तीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।


