डीएम ने चेतावनी दी कि तय समयसीमा में सुधार न होने पर एजेंसी संचालकों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर
*सुभिता गैस एजेंसी पर 2102, भागवत गैस एजेंसी पर 3588 और मीरा गैस एजेंसी पर 2097 सिलेंडरों का बैकलॉग पाया गया
*भागवत गैस एजेंसी पर 4.68 लाख तथा सुभिता गैस एजेंसी पर 6.50 लाख का लगाया गया है जुर्माना
Kanpur ।कलेक्ट्रेट सभागार में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने साफ कहा कि उपभोक्ताओं को परेशान करने वाली किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि होम डिलीवरी बढ़ाकर अधिकतम 2 से 3 दिन के भीतर सभी लंबित आपूर्ति हर हाल में पूरी की जाए।
समीक्षा में सामने आया कि कुछ गैस एजेंसियों पर भारी बैकलॉग के चलते उपभोक्ताओं को इंतजार करना पड़ रहा है। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित एजेंसियों को तीन दिन के भीतर स्थिति सामान्य करने का अल्टीमेटम दिया। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार सुभिता गैस एजेंसी पर 2102, भागवत गैस एजेंसी पर 3588 और मीरा गैस एजेंसी पर 2097 सिलेंडरों का बैकलॉग पाया गया।
डीएम के निर्देश पर अब तक दो गैस एजेंसियों पर 11.18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। भागवत गैस एजेंसी पर 4.68 लाख रुपये तथा सुभिता गैस एजेंसी पर 6.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि तय समयसीमा में सुधार न होने पर संबंधित एजेंसी संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक गैस एजेंसी पर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक एक जिम्मेदार कर्मचारी उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज करेगा और उनका तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करेगा। सभी शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज कर संबंधित पूर्ति निरीक्षक को उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। साथ ही सभी एजेंसियां प्रतिदिन का बैकलॉग तैयार कर जिला पूर्ति अधिकारी को उपलब्ध कराएं, जिससे प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए।
किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। बैठक में एडीएम सिविल सप्लाई राजेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड से डिविजनल एलपीजी सेल्स हेड मानवेन्द्र भटनागर एवं विक्रय अधिकारी (एलपीजी) ललित मोहन भट्ट तथा भूपेन्द्र चौटिया उपस्थित रहे। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड से क्षेत्रीय प्रबंधक गिरीश सोनवाने एवं विक्रय अधिकारी (एलपीजी) हिमांशु सिंह तथा हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड से विक्रय अधिकारी (एलपीजी) दीपांकर पारिक ने भी बैठक में सहभागिता की।


