*शिक्षा,स्वच्छताऔर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाएं : डीएम*
*विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान,स्कूलचलो अभियान(द्वितीय चरण) और वन महोत्सव का संयुक्त शुभारंभ*
*दो बच्चों का कराया नामांकन, पौधारोपण किया;
Kanpur । बुधवार से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, स्कूल चलो अभियान (द्वितीय चरण) तथा एक से सात जुलाई तक आयोजित होने वाले वन महोत्सव का संयुक्त शुभारंभ किया गया। गीता नगर पार्क (रामलीला मैदान), काकादेव में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने तीनों अभियानों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्कूल चलो अभियान के तहत दो बच्चों का कक्षा-1 में नामांकन कराया, वन महोत्सव के अंतर्गत “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में पौधारोपण किया तथा जागरूकता रैली और फॉगिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, प्रभागीय वनाधिकारी आकांक्षा जैन, अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जी. के. मिश्रा, बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिओम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
*हर बच्चे का विद्यालय में हो नामांकन*

जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य जनपद के प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ना है। इसी क्रम में काकादेव स्थित प्राथमिक विद्यालय में आकाश एवं अंशिका का कक्षा-1 में नामांकन कराया गया तथा उन्हें निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की गईं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और कोई भी बच्चा विद्यालय से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों से शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने की अपील की। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने भी सभी विभागों से समन्वित प्रयासों के माध्यम से अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने शिक्षा, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।

जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक से 31 जुलाई तक तथा दस्तक अभियान 11 से 31 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। वर्षा ऋतु में जलभराव के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस, एईएस एवं अन्य संचारी रोगों की आशंका बढ़ जाती है। इसे देखते हुए अभियान के दौरान घर-घर सर्वे, बुखार के रोगियों की पहचान, डेंगू एवं मलेरिया की जांच, मच्छरों के प्रजनन स्थलों का निस्तारण, एंटी लार्वा गतिविधियां, फॉगिंग तथा व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

उन्होंने नागरिकों से सप्ताह में एक दिन “सूखा दिवस” मनाने की अपील करते हुए कहा कि कूलर, पानी की टंकी, गमले, फ्रिज की ट्रे, पुराने टायर अथवा अन्य पात्रों में पानी जमा न होने दें। बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द अथवा अन्य लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। साथ ही स्वच्छ पेयजल का उपयोग करें, ताजा एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थों का सेवन करें तथा बरसात के मौसम में पूरे शरीर को ढकने वाले वस्त्र पहनकर मच्छरों से बचाव करें।
अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जी. के. मिश्रा ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम में जनसहभागिता सबसे प्रभावी माध्यम है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान सर्विलांस, वेक्टर नियंत्रण, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, खाद्य सुरक्षा एवं जनजागरूकता पर विशेष फोकस रहेगा।
*वन महोत्सव के तहत किया पौधारोपण*
एक से सात जुलाई तक आयोजित वन महोत्सव के अंतर्गत जिलाधिकारी ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्ष धरा का आभूषण हैं और उनके बिना जीवन अधूरा है। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी पौधारोपण किया।
अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि जनसहभागिता इसकी सबसे बड़ी शक्ति है। स्वच्छता, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण समाज के समग्र विकास का आधार हैं। उन्होंने जनपदवासियों से तीनों अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाकर इन्हें जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। साथ ही राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर जनपद के सभी चिकित्सकों को शुभकामनाएं भी दीं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों को संचारी रोग नियंत्रण एवं स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। इसके बाद जिलाधिकारी ने स्कूल चलो अभियान एवं संचारी रोग नियंत्रण जागरूकता रैली तथा फॉगिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से शत-प्रतिशत नामांकन, नियमित विद्यालय उपस्थिति, स्वच्छता, संचारी रोगों की रोकथाम तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।


