Kanpur। घर से लापता 15 वर्षीय किशोरी को आखिरकार उसके परिजनों का साथ मिल गया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कानपुर सेंट्रल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से यह संभव हो सका। ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत आरपीएफ ने किशोरी को सुरक्षित रेस्क्यू कर नियमानुसार शाहजहांपुर पुलिस के सुपुर्द किया, जिसके बाद उसे उसके परिवार तक पहुंचा दिया गया।
रेल मदद हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना मिलने पर 17 जुलाई को आरपीएफ के उप निरीक्षक हेमराज मीणा और महिला प्रधान आरक्षक वंदना कटियार प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर गश्त के दौरान पहुंचे। वहां उन्हें एक किशोरी अकेली और संदिग्ध परिस्थितियों में मिली।
महिला स्टाफ की मौजूदगी में पूछताछ करने पर किशोरी ने अपना नाम शिवानी (15) निवासी ग्राम मंझारी, थाना कांट, जिला शाहजहांपुर बताया। उसने बताया कि वह 4 जुलाई को घर से निकल आई थी और तब से अपने परिवार से दूर थी।
जानकारी मिलते ही आरपीएफ ने बिना देर किए थाना कांट पुलिस और किशोरी के परिजनों से संपर्क किया। तब तक उसे महिला स्टाफ की निगरानी में सुरक्षित रखा गया और उसके खान-पान सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गईं।
शनिवार को थाना कांट से उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह, महिला कांस्टेबल इर्तिशा और किशोरी के भाई हरेंद्र कानपुर सेंट्रल पहुंचे। उन्होंने थाना कांट में दर्ज एफआईआर की प्रति और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत किए। दस्तावेजों के सत्यापन और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आरपीएफ ने किशोरी को उसके सामान सहित विधिवत शाहजहांपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
परिजनों ने बेटी को सकुशल वापस पाकर राहत की सांस ली और आरपीएफ टीम का आभार जताया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाले लापता, भटके और असहाय बच्चों को सुरक्षित संरक्षण देना और उन्हें जल्द से जल्द उनके परिवार तक पहुंचाना है।
कानपुर सेंट्रल पर इस अभियान के तहत लगातार ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई की जा रही है, जिससे कई परिवारों की बिछड़ी खुशियां लौट रही हैं।


