पुलिस कमिश्नरेट का यह संयुक्त अभियान केवल नियामकीय कार्रवाई तक सीमित नहीं है। हमारा मुख्य उद्देश्य शहर के हर शिक्षण संस्थान, अस्पताल और मॉल को सुरक्षित बनाना है, ताकि विद्यार्थियों, मरीजों और आम नागरिकों के जीवन एवं संपत्ति की रक्षा की जा सके। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।”
— रघुवीर लाल, पुलिस आयुक्त, कानपुर
Kanpur। लखनऊ में हाल ही में हुए कोचिंग संस्थान अग्निकांड के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल के निर्देशन एवं अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा की अध्यक्षता में पुलिस कार्यालय सभागार में आयोजित संयुक्त सुरक्षा गोष्ठी में शहर के कोचिंग संस्थानों, होटलों, हॉस्टलों, अस्पतालों, सिनेमाघरों, शॉपिंग मॉल और अन्य व्यावसायिक भवनों के संचालकों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा की मौजूदगी में हुई बैठक में अग्नि सुरक्षा, भवन संरक्षा, आपदा प्रबंधन, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बेसमेंट अथवा अन्य स्थानों पर सुरक्षा मानकों के विपरीत संचालित किसी भी व्यावसायिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में चेतावनी दी गई कि निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर न करने वाले संस्थानों के खिलाफ नोटिस जारी करने, सीलिंग, आर्थिक दंड और आवश्यकतानुसार आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने जैसी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी और अग्निशमन उपकरणों के प्रभावी उपयोग की जानकारी देते हुए कर्मचारियों को नियमित फायर सेफ्टी प्रशिक्षण देने की अपील की।
कमिश्नरेट और संबंधित विभागों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त सत्यापन अभियान के तहत अब तक 865 कोचिंग संस्थानों, 490 अस्पतालों, 490 विद्यालयों और 160 हॉस्टलों का निरीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर अग्निशमन विभाग ने 40 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले 20 से अधिक प्रतिष्ठानों को कानपुर विकास प्राधिकरण द्वारा सील किया जा चुका है।
बैठक में एडीएम सिटी, कानपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, विद्युत विभाग और जिला पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने भी भाग लिया। इस दौरान डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता, डीसीपी दक्षिण दीपेन्द्र नाथ चौधरी, डीसीपी पश्चिम एस.एम. काबिस आबिदी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


