New Delhi । अभिनेता से नेता बने टीवीके प्रमुख थलपति विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में नया अध्याय शुरू कर दिया। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में हजारों समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। विजय के मुख्यमंत्री बनने पर समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया और पूरे स्टेडियम में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
पीएम मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर विजय को बधाई दी। पीएम मोदी ने लिखा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर सी. जोसेफ विजय को शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करती रहेगी। प्रधानमंत्री के इस संदेश को केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राहुल गांधी भी रहे मौजूद

नौ मंत्रियों ने भी ली शपथ
विजय के साथ नौ मंत्रियों ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इनमें एन. आनंद, आधव अर्जुन, केजी अरुण राज, केए सेंगोट्टैयन, पी. वेंकेटरामनन और आर. निर्मलकुमार समेत अन्य नेता शामिल रहे। सभी मंत्रियों ने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। इसे पूर्ववर्ती डीएमके सरकार से अलग राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

ऐसे बना सरकार का रास्ता
टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन को 234 सदस्यीय विधानसभा में 120 विधायकों का समर्थन मिला। विधानसभा चुनाव में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, हालांकि उसे पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। इसके बाद कांग्रेस, सीपीआई और सीपीआई-एम ने समर्थन देकर सरकार गठन का रास्ता साफ किया। शनिवार रात विजय ने सहयोगी दलों के समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपे थे।

छह दशक बाद बड़ा राजनीतिक बदलाव
विजय का मुख्यमंत्री बनना तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। राज्य में करीब छह दशक से डीएमके और एआईएडीएमके का दबदबा रहा है। 1967 के बाद पहली बार किसी गैर द्रविड़ दल के नेतृत्व में सरकार बनी है। राजनीतिक विश्लेषक इसे दक्षिण भारतीय राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत मान रहे हैं।


