New delhi : धीरज विश्वकप तीरंदाजी के रिकर्व वर्ग में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने
नई दिल्ली । क्रिकेट और हॉकी टीम के भारतीय तीरंदाजों ने भी रविवार को अपने प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाया है। तीरंदाजी में धीरज बोम्मादेवरा ने विश्वकप तीरंदाजी के पुरुष रिकर्व वर्ग में स्वर्ण जीता है। ये पहली बार है जब किसी भारतीय तीरंदाज ने रिकर्व वर्ग में जीत हासिल की है। धीरज इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के फाइनल में स्वर पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरुष रिकर्व आर्चर बन गए। इस निशानेबाज ने रोमांचक मुकाबले में जापान के जुन्या नाकानिशी को हराया। ये मुकाबला कठिन रहा और जीत फैसला शूट-ऑफ से हुआ। इसमें धीरज ने अपनी सटीक निशानेबाजी के साथ ही 6(10)–5(9) के स्कोर के साथ जीत दर्ज की। इस जीत से भारतीय तीरंदाजी को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान भी मिली है।
इससे पहले भारतीय हॉकी टीम ने भी जूनियर एशिया कप में पुरुष और महिला, दोनों खिताब जीते।
इसके अलावा महिला क्रिकेट टीम ने भी रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप का खिताब जीता। फाइनल में भारत का सामना श्रीलंका से हुआ था। इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्मृति मंधाना के(59 रनों और शेफाली वर्मा के 68 रनों की सहायता से निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 185 रन बनाये। वहीं इसके बाद श्रीलंका की महिला टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई और 20 ओवर में केवल 111 रनों पर ही सिमट गयी। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम ने यह मुकाबला 72 रनों के बड़े अंतर से जीता। इसी के साथ ही भारतीय टीम ने आठवीं बार खिताब अपने नाम किया।
New delhi : धीरज विश्वकप तीरंदाजी के रिकर्व वर्ग में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने


