जानबूझकर स्टेज पर रहे
Dubai । भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष और एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के प्रमुख मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया। पिछले कुछ समय में जिस प्रकार की रिपोर्ट आयीं हैं उससे साफ है कि नकवी को पहले से ही इन बातों का अंदेशा था।
यहां तक कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी एसीसी अधिकारियों को पहले ही साफ कर दिया था कि यदि फाइनल भारतीय टीम जीतती है और अवार्ड समारोह में मोहसिन नकवी उपस्थित होते हैं, तो टीम उनके हाथों से ट्रॉफी नहीं लेगी। इस प्रकार की जानकारी के बाद भी नकवी मंच पर मौजूद रहे, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या उन्होंने जानबूझकर ऐसी स्थिति पैदा की, जिसे भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट विवाद और बढ़ जाये।
गौरतलब है कि एसीसी अध्यक्ष के तौर पर मोहसिन नकवी की भूमिका और उनके फैसलों पर पहले भी कई सवाल उठे हैं। दोनो देशों के बीच क्रिकेट संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं, और ऐसे में नकवी का, बीसीसीआई की पूर्व सूचना के बाद भी आवार्ड समारोह में रहना ये दिखाता है कि वह विवाद बढ़ाना चाहते थे। यदि वह चाहते, तो टीमों को किसी ऐसे व्यक्ति से ट्रॉफी दिलवा सकते थे, जो न तो भारत और न ही पाकिस्तान क्रिकेट से सीधा जुड़ा होता।
इस घटना ने एक बार फिर खेल के मैदान पर राजनीति को देखाया है। प्रेजेंटेशन समारोह में भी यह तनाव साफ देखा गया, जब श्रीलंका का आखिरी विकेट गिरने और समारोह शुरू होने के बीच लगभग 40 मिनट का लंबा इंतजार करना पड़ा।
श्रीलंकाई टीम को उनके उपविजेता पदक और चेक प्रदान किए जाने के बाद अचानक ही पूरा प्रसारण अचानक समाप्त हो गया। इस दौरान भारतीय खिलाड़ियों को विजेता पदक या ट्रॉफी लेते हुए नहीं दिखाया गया। वहीं भारतीय टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने टीम के रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने मैच के बाद कहा कि नकवी से अवार्ड न लेने का फैसला बीसीसीआई का था।


