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New delhi : भारत ए की कप्तानी मिलने पर उत्साहित देवदत्त पडिक्कल, बोले- मुझे जिम्मेदारी लेना पसंद है

Akash Chaudhary

New delhi । पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ होने वाले चार-दिवसीय मैचों के लिए युवा और प्रतिभाशाली बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को भारत ए टीम की कमान सौंपी गई है। पडिक्कल अपनी इस नई भूमिका को लेकर बेहद उत्साहित हैं और उनका मानना है कि नेतृत्व क्षमता उन्हें अपने खेल को और बेहतर बनाने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि उन्हें जिम्मेदारी लेना बेहद पसंद है और कप्तानी जैसी भूमिका उन्हें मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है।

पडिक्कल ने 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में कर्नाटक का नेतृत्व करते हुए मूल्यवान अनुभव हासिल किया था, जहां उन्होंने लीग स्टेज के आखिर में कप्तान के रूप में पदभार संभाला और बल्ले व गेंद दोनों से प्रभावी प्रदर्शन किया। एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से पडिक्कल ने कहा, भारत ए टीम का कप्तान बनना एक शानदार अवसर है और मैं इसके लिए बहुत उत्साहित हूं।

मुझे लगता है कि नेतृत्व एक ऐसी चीज है जिसे करने में मुझे बहुत मजा आता है, खासकर पिछले साल कर्नाटक के साथ शुरुआत करते हुए। यह मेरे लिए सीखने का एक शानदार मौका था, इसलिए मैं उस अनुभव को इंडिया ए के सेटअप में भी ले जाने के लिए उत्सुक हूं।

उन्होंने आगे कहा कि कप्तानी बस एक अतिरिक्त जिम्मेदारी है कि वह मैदान पर जाकर यह पक्का करें कि वह टीम की मदद कर रहे हैं। पडिक्कल ने हमेशा क्रिकेट इसी तरह खेला है, और वह हमेशा यह पक्का करना चाहते हैं कि टीम जीते। एक कप्तान के तौर पर, उनका पूरा फोकस यही होता है कि वह टीम को जीत दिलाएं, और उनका मानना है कि यह सोच उनकी बल्लेबाजी को और भी अधिक मदद करती है।

पडिक्कल की नियुक्ति रेड-बॉल क्रिकेट में उनके शानदार फॉर्म को देखते हुए की गई है। हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ हुई टेस्ट सीरीज में इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने भारत की तरफ से सबसे सफल बल्लेबाज बनकर उभरे थे, जहां उन्होंने तीन पारियों में 328 रन बनाते हुए दो शतक भी लगाए थे।

उनकी यह फॉर्म और नेतृत्व क्षमता भारत ए टीम के लिए ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ महत्वपूर्ण साबित होगी, क्योंकि वह टीम को जीत की राह पर ले जाने का प्रयास करेंगे। पडिक्कल का यह मानना कि जिम्मेदारी उन्हें बेहतर बल्लेबाज बनाती है, उनकी परिपक्वता और खेल के प्रति गहरे समर्पण को दर्शाता है, जिससे भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए भी सकारात्मक संकेत मिलते हैं।