कॉरिडोर-2 डिपो रैंप से रावतपुर स्टेशन के बीच ट्रैक निर्माण की शुरू हुई प्रक्रिया
Kanpur । मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में इस कॉरिडोर की टनलिंग पूरी होने के बाद, लगभग 4.10 किमी लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन में ट्रैक निर्माण कार्य आज से शुरू कर दिया गया है। इसके लिए फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में रेल पटरियों की वेल्डिंग एवं बिछाने का कार्य आरंभ किया गया था। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद अब ट्रैक स्लैब की ढलाई का कार्य आरंभ कर दिया गया है।

वर्तमान में सीएसए के निकट स्थित कॉरिडोर-2 डिपो रैंप से रावतपुर स्टेशन के बीच ट्रैक निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है।अंडरग्राउंड सेक्शन में ट्रैक निर्माण के लिए सबसे पहले कॉरिडोर-2 डिपो रैंप के पास एफबीडब्ल्यू (फ्लैश बट वेल्डिंग) प्लांट को भूमिगत स्थापित किया गया। इसके बाद रेल पटरियों की वेल्डिंग कर उन्हें ट्रैक्टर एवं अन्य उपकरणों की सहायता से टनल के भीतर बिछाया गया। पटरियां बिछाने के बाद आज से ट्रैक स्लैब की ढलाई का कार्य आरंभ किया गया है। आगे चलकर ट्रैक पर थर्ड रेल लगाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
*गिट्टी-रहित ट्रैक का उपयोग*
कानपुर मेट्रो के एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों सेक्शनों में बैलास्ट-लेस (गिट्टी-रहित) ट्रैक का उपयोग किया जाता है। ऐसे ट्रैक में रखरखाव की कम से कम आवश्यकता पड़ती है। मेट्रो सेवा में 15-16 घंटे के लंबे ट्रेन संचालन के दौरान, ट्रेनों को बहुत कम आवृत्ति पर संचालित किया जाता है। इसलिए इन घंटों के दौरान रखरखाव की लगभग कोई गुंजाइश नहीं होती है और एक ऐसी कुशल प्रणाली की आवश्यकता होती है जो कम से कम रखरखाव पर भी सुरक्षित और आरामदायक यात्रा की सुविधा प्रदान कर सके। बैलास्ट-लेस ट्रैक ये सारी सुविधाएं प्रदान करता है, साथ ही इसका जीवन-चक्र भी काफी लंबा होता है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इस अवसर पर कहा कि, “कॉरिडोर-2 (सीएसए-बर्रा 8) के अंतर्गत कॉरिडोर-2 डिपो रैंप से रावतपुर के बीच अंडरग्राउंड सेक्शन में ट्रैक निर्माण की शुरुआत हमारे लिए एक अहम मील का पत्थर है।


