2025-26 में शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण, 24×7 सेवा से त्वरित राहत
Lucknow । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी कड़ी में संचालित 181 महिला हेल्पलाइन अब प्रदेश की महिलाओं के लिए संकट के समय एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है। वर्ष 2025-26 में इस हेल्पलाइन पर प्राप्त सभी शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
घरेलू हिंसा से लेकर इलाज तक मिली मदद
आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच 181 हेल्पलाइन पर 85 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें अधिकांश मामले घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, साइबर क्राइम और मारपीट से जुड़े रहे।
इसके अलावा कई मामलों में महिलाओं ने अस्पताल में इलाज, जमीन-जायदाद विवाद और राशन से संबंधित सहायता भी मांगी, जिन्हें संबंधित विभागों को तुरंत ट्रांसफर कर समाधान कराया गया।
तेज रफ्तार सिस्टम से मिनटों में कार्रवाई
हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली को बेहद तेज और प्रभावी बनाया गया है। शिकायत दर्ज होते ही मात्र 2 मिनट के भीतर मामलों को संबंधित वन स्टॉप सेंटर को ट्रांसफर कर दिया जाता है।
इसके बाद जिला स्तर पर तैनात महिला कर्मी पीड़िता से संपर्क कर उसकी समस्या समझती हैं और आवश्यक कानूनी, सामाजिक तथा मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
24×7 सक्रिय सेवा बनी भरोसे की कड़ी
181 महिला हेल्पलाइन पूरी तरह 24 घंटे, सातों दिन सक्रिय रहती है। यह सेवा न केवल शिकायतों का समाधान करती है, बल्कि महिलाओं को मानसिक सहारा भी देती है।
घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, उत्पीड़न और मानसिक तनाव जैसे मामलों में यह हेल्पलाइन त्वरित राहत का माध्यम बनी है।
सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक
महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि 181 महिला हेल्पलाइन इस दिशा में एक सशक्त माध्यम बन चुकी है, जो हर जरूरतमंद महिला को समय पर सहायता और न्याय दिलाने का कार्य कर रही है।


