लखनऊ के गुरुकुल में 11 वर्षीय दिव्यांश द्विवेदी की संदिग्ध मौत का मामला हत्या में बदला
संचालक ने घर जाने की जिद पर छात्र की पिटाई की, मौके पर ही मौत
महिला मित्र पर साक्ष्य मिटाने और सीसीटीवी तोड़ने का आरोप
पोस्टमार्टम में शरीर पर कई गंभीर चोटें और जलने के निशान मिले
परिजनों को पहले हादसे की सूचना देकर बाद में शव सौंपा गया
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा
कानपुर। महाराजपुर क्षेत्र के गौरिया गांव निवासी 11 वर्षीय दिव्यांश द्विवेदी की लखनऊ स्थित गुरुकुल में हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि गुरुकुल में की गई बेरहमी से पिटाई का परिणाम था। पुलिस ने गुरुकुल संचालक और उसकी महिला मित्र को गिरफ्तार कर लिया है।

पढ़ाई के लिए भेजा गया था मासूम
दिव्यांश को परिवार ने बेहतर शिक्षा और संस्कार की उम्मीद में एक सप्ताह पहले ही लखनऊ के आलम नगर स्थित एक गुरुकुल में दाखिल कराया था। पिता मजदूरी करते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, इसलिए बच्चे को निःशुल्क शिक्षा के लिए वहां भेजा गया था। शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य बताया गया।
घर जाने की जिद बनी विवाद की वजह
पुलिस जांच के अनुसार घटना वाली रात दिव्यांश अपने घर लौटने की जिद कर रहा था। इसी बात पर गुरुकुल संचालक भड़क गया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उसे लात-घूसों और डंडों से पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई।
बर्बरता के निशान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे के शरीर पर कई चोटों और जलने के निशान पाए गए हैं, जिससे स्पष्ट हुआ कि उसके साथ बर्बरता की गई थी। शरीर पर गंभीर चोटें सिर और नाक के आसपास भी मिलीं, जो मौत का मुख्य कारण बनीं।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश भी उजागर
घटना के बाद आरोपित ने मामले को छिपाने की कोशिश की। उसने अपनी महिला मित्र को बुलाकर सबूत मिटाने की साजिश रची। सीसीटीवी कैमरों को तोड़ा गया और अन्य छात्रों को वहां से हटा दिया गया ताकि किसी को घटना की जानकारी न हो सके।
हादसे का झांसा देकर शव घर भेजा
आरोपी ने पहले परिजनों को फोन कर बताया कि बच्चा सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गया है। कुछ समय बाद वह खुद शव लेकर दिव्यांश के घर पहुंचा और उसे वहीं छोड़कर फरार हो गया। शव देखकर परिजनों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस जांच में सामने आया सच
पुलिस ने जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ते हुए पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने गुरुकुल संचालक और उसकी महिला मित्र दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


