35 हजार दुर्लभ किताबों का होगा डिजिटलीकरण, छात्रों को मिलेंगे हाईटेक संसाधन और वैश्विक ई-प्लेटफॉर्म्स
Kanpur। शहर के छात्र-छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए नगर निगम ने बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत फूलबाग स्थित गांधी भवन में अत्याधुनिक डिजिटल/ई-लाइब्रेरी का शिलान्यास महापौर प्रमिला पांडे ने किया। करीब ₹8.06 करोड़ की लागत से बनने वाली यह लाइब्रेरी शहर में ज्ञान और तकनीक के नए द्वार खोलेगी।
परियोजना की सबसे बड़ी खासियत गांधी भवन पुस्तकालय में मौजूद लगभग 35 हजार ऐतिहासिक और दुर्लभ किताबों का डिजिटलीकरण और कैटलॉगिंग है। इसके साथ ही दुर्लभ पुस्तकों और मीटिंग रिपोर्ट्स को भी डिजिटल फॉर्मेट में सुरक्षित किया जाएगा।
प्रभारी प्रोजेक्ट आर.के. सिंह और मुख्य अभियंता एस.एफ.ए. जैदी की देखरेख में होने वाले इस कार्य को दो हिस्सों में बांटा गया है। लाइब्रेरी में 50 यूजर्स के लिए हाईटेक डेस्कटॉप, टेबल-चेयर और 20 टैबलेट (लाइब्रेरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर सहित) उपलब्ध कराए जाएंगे।
दिव्यांगजनों के लिए भी विशेष तकनीक की व्यवस्था की गई है। दृष्टिहीन उपयोगकर्ताओं के लिए 10 ‘किबो’ उपकरण लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से वे पढ़ और सुन सकेंगे। इसके अलावा यूजर्स को जे-गेट, ई-बुक्स, ई-मैगजीन और ‘हेनरी स्टीवर्ड टॉक’ जैसे वैश्विक प्लेटफॉर्म्स की सुविधा मिलेगी।
किताबों की सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिए आरएफआईडी सिस्टम और बारकोड व्यवस्था लागू की जाएगी। साथ ही 50 लोगों की क्षमता वाला वेटिंग हॉल, वाई-फाई सुविधा, 18 केवी यूपीएस और बहुभाषी अनुवाद की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
महापौर प्रमिला पांडे ने कहा कि यह डिजिटल लाइब्रेरी आधुनिक तकनीक से लैस होगी, जिससे शोधकर्ताओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को एक ही स्थान पर विश्वस्तरीय संसाधन मिल सकेंगे। उन्होंने इसे कानपुर में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
शिलान्यास के दौरान बताया गया कि सिविल कार्यों के तहत गांधी भवन के हॉल का सुंदरीकरण किया जाएगा, जिसमें फॉल्स सीलिंग, फ्लोर टाइलिंग और आधुनिक पार्टीशन का कार्य शामिल है। इस मौके पर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और प्रोजेक्ट टीम के सदस्य मौजूद रहे।


