डीएम के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई, 147 शिकायतों में 11 का मौके पर निस्तारण, दिव्यांगों और किसानों को भी मिली राहत
Kanpur । सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते एक दशक बीत गया, लेकिन राजस्व अभिलेखों की गलती नहीं सुधरी। सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे यशोदा नगर निवासी प्रेमप्रकाश तिवारी के लिए आखिरकार राहत की घड़ी आ गई। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के समक्ष मामला पहुंचते ही राजस्व अभिलेखों की तत्काल जांच कराई गई।

विधिक प्रक्रिया पूरी कर अनधिकृत रूप से दर्ज काश्तकारों के नाम हटाए गए और संशोधित खतौनी प्रेमप्रकाश को सौंप दी गई। दस साल पुराने विवाद का समाधान होते ही उनके चेहरे पर संतोष साफ नजर आया।मर्चेंट चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित सदर तहसील के संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 147 शिकायतें प्राप्त हुईं।
इनमें से 11 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर लोगों को तत्काल राहत दी गई। बिनगवां निवासी कंचन सिंह नया बिजली कनेक्शन न मिलने की शिकायत लेकर पहुंचीं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर झटपट पोर्टल से आवेदन कराया गया और बिजली कनेक्शन स्वीकृत करा दिया गया। वहीं दिव्यांग पेंशन के लिए आय प्रमाणपत्र की जरूरत लेकर आए शिवम त्रिपाठी को शिविर में ही प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया।लक्ष्मीपुरवा निवासी केला देवी की शिकायत पर घर के सामने लंबे समय से जमा कूड़ा तत्काल हटवाया गया।
गंभीरपुर निवासी प्रकाश नारायण के मोहल्ले की खराब स्ट्रीट लाइट भी मौके पर ठीक कराई गई। रामचंद्र के बिजली बिल की जांच कर वास्तविक स्थिति बताई गई, जबकि मधू त्रिपाठी के बिजली बिल में मीटर रीडिंग और ओटीपी के आधार पर संशोधन कराया गया।
रूपरानी और सृजना देवी के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज किए गए तथा लोकेन्द्र प्रताप सिंह का वरासत प्रकरण भी स्वीकृत कराया गया।समाधान दिवस के साथ आयोजित विशेष शिविरों में भी लोगों को कई सुविधाएं मिलीं। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 20 दिव्यांगजनों का परीक्षण किया, जिनमें 17 के यूडीआईडी कार्ड बनाए गए। पांच दिव्यांगों का पेंशन, आठ का सहायक उपकरण तथा दो का मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल के लिए पंजीकरण किया गया।
किसानों के लिए लगाए गए विशेष शिविर में 24 किसान क्रेडिट कार्ड भी बनाए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष सभी शिकायतों का शासनादेश के अनुसार सात दिन के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।


