Kanpur। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में कानपुर क्राइम ब्रांच को बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश के रीवा से गिरफ्तार आरोपी नागेश्वर सिंह बघेल को अदालत ने रिहा करने का आदेश देते हुए गिरफ्तारी करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं।
क्राइम ब्रांच ने आरोपी को रीवा से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां पुलिस ने रिमांड की मांग की। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के अर्णेश कुमार बनाम बिहार राज्य फैसले का हवाला देते हुए गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। अदालत ने पाया कि मामले में लगाई गई धाराओं के तहत अधिकतम सजा सात वर्ष से कम है, इसलिए गिरफ्तारी से पहले नोटिस जारी किया जाना चाहिए था।
कोर्ट ने पुलिस की रिमांड याचिका खारिज करते हुए आरोपी को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही गिरफ्तारी प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी नागेश्वर सिंह बघेल ने लिखित माफीनामा देकर अपनी गलती स्वीकार की। उसने कहा कि उसने एक अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से विवादित पोस्ट डाउनलोड कर अपने अकाउंट से साझा कर दी थी और उसे अपने कृत्य पर गहरा पछतावा है। उसने अखिलेश यादव और उनके परिवार से बिना शर्त माफी भी मांगी।
डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि अभद्र टिप्पणी के संबंध में कानपुर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस के आधार पर आरोपी की लोकेशन रीवा में मिलने पर पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार किया था। हालांकि कानूनी प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी पहलुओं के चलते अदालत ने गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए और आरोपी को राहत प्रदान की।


