Wednesday, May 20, 2026
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Kanpur : फैक्ट्रियों में श्रमिक अधिकारों को लेकर प्रशासन सख्त, संयुक्त निरीक्षण की तैयारी

ओवरटाइम और वेतन पर्ची में लापरवाही पर प्रशासन का शिकंजा

 

Kanpur । औद्योगिक इकाइयों में न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम भुगतान और वेतन पर्ची जैसे श्रमिक अधिकारों की अनदेखी पर अब प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। हाल के दिनों में कानपुर नगर और कानपुर देहात की कई फैक्ट्रियों में सामने आए श्रमिक असंतोष और विरोध प्रदर्शनों के बाद बुधवार को उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय सभागार में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश मार्केण्डय शाही ने की।

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बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल, दोनों जिलों के उद्योगपति और श्रमिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। श्रम आयुक्त ने कहा कि श्रमिकों के असंतोष के पीछे सबसे बड़ा कारण निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान न होना, ओवरटाइम की राशि रोकना, साप्ताहिक अवकाश में कटौती और वेतन पर्ची उपलब्ध न कराना है।

48 घंटे से अधिक काम पर दोगुना ओवरटाइम
मार्केण्डय शाही ने कहा कि शासन द्वारा 17 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक श्रमिक को तय न्यूनतम वेतन देना अनिवार्य है। चाहे श्रमिक सीधे कंपनी के मस्टर रोल पर कार्यरत हो या संविदाकार के माध्यम से नियुक्त किया गया हो, सभी पर यह नियम समान रूप से लागू होगा।

उन्होंने कहा कि सप्ताह में 48 घंटे से अधिक कार्य लेने पर अतिरिक्त समय का भुगतान निर्धारित दर से दोगुना करना होगा। साथ ही सभी श्रमिकों को नियमित रूप से वेतन पर्ची उपलब्ध कराना भी जरूरी है। उन्होंने माना कि कई स्थानों पर विशेष रूप से संविदाकार श्रम कानूनों का पालन नहीं कर रहे हैं।

संयुक्त टीम करेगी औचक निरीक्षण
श्रम आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अब श्रम विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम फैक्ट्रियों का निरीक्षण करेगी। यदि कहीं भी श्रम कानूनों के अनुपालन में लापरवाही मिली तो संबंधित इकाइयों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में औद्योगिक विकास तेजी से बढ़ा है। वर्तमान में प्रदेश के 32,559 कारखानों में से 17,956 कारखाने वर्ष 2017 के बाद स्थापित हुए हैं। इसके बावजूद मजदूरों के वेतन और पारिश्रमिक में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ती रही है।

अराजकता फैलाने वालों पर भी नजर
पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने कहा कि उद्योगों और उद्यमियों को पूरी सुरक्षा दी जा रही है, लेकिन श्रमिकों के नाम पर अशांति और अराजकता फैलाने वाले तत्वों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ श्रम अधिनियमों के साथ भारतीय न्याय संहिता के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि श्रमिक और उद्यमी एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने उद्योगपतियों से श्रमिक हितों का ध्यान रखने और न्यूनतम वेतन समेत सभी मूल प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की। बैठक में कानपुर नगर और कानपुर देहात के लिए लागू नई न्यूनतम वेतन दरों की जानकारी भी साझा की गई।

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