पीलीभीत मेडिकल कॉलेज को सौंपा गया शरीर
Kanpur ।युग दधीचि देहदान अभियान के रूप में जे के कॉलोनी से वर्ष 2003 में मनोज सेंगर एवम माधवी सेंगर द्वारा प्रारंभ किए गए चिकित्सा जगत को देह समर्पित करने के अनूठे अभियान ने अब पूरे प्रदेश को अपने कार्यक्षेत्र में ले लिया है इसी के अंतर्गत देहदान महायज्ञ में आज 324वीं आहुति के रूप में सी 1/45, गुलमोहर विहार, जूही कानपुर निवासी 62 वर्षीय श्रीमती शैलजा ऐलावादी की पार्थिव देह राजकीय मेडिकल कॉलेज पीलीभीत को समर्पित की गई, पीलीभीत मेडिकल कॉलेज को यह छठवीं देह युग दधीचि देहदान अभियान द्वारा कानपुर से लाकर समर्पित की गई है,

*15 साल बाद पूरा हुआ संकल्प* शैलजा जी ने आज से 15 साल पहले वर्ष 2011 में देहदान शपथपत्र भरा था एवं बीच बीच में परिवार को सख्त ताकीद करती रहतीं थीं कि उनका देहदान अवश्य कराया जाए, आज 4 जुलाई को तड़के सुबह ढाई बजे संक्षिप्त बीमारी के बाद उनका कानपुर के एक निजी हॉस्पिटल में निधन होने पर परिजनों द्वारा अभियान प्रमुख मनोज सेंगर को सूचना देकर देहदान संकल्प पूरा कराने का आग्रह किया गया।

सेंगर ने अपनी पत्नी एवं अभियान की महासचिव माधवी सेंगर से परामर्श कर देह को पीलीभीत मेडिकल कॉलेज को देने का निश्चय किया और सुबह ही आनन फानन में समस्त आवश्यक परिपत्र पूर्ण करने के बाद सेंगर दंपति दिवंगत शैलजा जी के निवास पर 4 जुलाई को सुबह एंबुलेंस लेकर पहुंचे और पार्थिव देह की आरती, पुष्पांजलि एवं शांतिपाठ करा कर प्रातः सवा दस बजे कानपुर से चले और शाम पौने पांच बजे पीलीभीत मेडिकल कॉलेज पहुंचे जहां प्राचार्या डॉ संगीता अनेजा, एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ अर्चना सिंह, उप प्राचार्य डॉ अरुण सिंह, डॉ फरीद जी एवं अन्य सहयोगी चिकित्सकों द्वारा देह को सम्मान सहित स्वीकार किया गया।
*एलावादी परिवार से हुआ तीसरा देहदान*
अभियान प्रमुख मनोज सेंगर ने बताया कि इस परिवार ने देहदान को अपनी परंपरा बना लिया है, विगत फरवरी 2024 में सुरेश जी पिता मदनलाल जी का देहदान हुआ था जो एम्स रायबरेली को दिया गया था,
दूसरा देहदान सुरेश जी ने अपनी माता जी शकुंतला जी का मार्च 2026 को किया जो गोंडा मेडिकल कॉलेज को समर्पित किया गया और आज अपनी पत्नी शैलजा जी की देह पीलीभीत मेडिकल कॉलेज को समर्पित कर महादान की अद्भुत मिसाल कायम की है,
कानपुर में स्व शैलजा जी की देह को उनके पुत्र सुमेश एलावादी एवं पति सुरेश एलावादी जी सहित अनेक इष्ट मित्रों ने पुष्पांजलि समर्पित करते हुए अंतिम विदाई दी,अभियान के अंतर्गत यह 324वी देह समर्पित की गई है।


