मोबाइल कोर्ट में आवास, पेंशन और राशन कार्ड के मामले उठे, दो को मौके पर मिला प्रमाण पत्र
Kanpur। दिव्यांगजनों की समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही न बरतें। शिकायतों का समयसीमा में प्रभावी निस्तारण कर पात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाएं। यह निर्देश राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन, उत्तर प्रदेश ने शुक्रवार को लखनपुर स्थित डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन में आयोजित मोबाइल कोर्ट में दिए।
यहां कुल 106 शिकायतें मिलीं। इनमें आवास, शौचालय, राशन कार्ड और पेंशन से जुड़े मामले प्रमुख रहे मोबाइल कोर्ट में आवास, पेंशन और राशन कार्ड के मामले उठे, दो को मौके पर मिला दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए।
राज्य आयुक्त ने अधिकारियों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 का प्रभावी पालन कराने और दिव्यांगजनों के साथ भेदभाव समाप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने 18 वर्ष से कम आयु के दिव्यांग बच्चों को समावेशी वातावरण में निःशुल्क शिक्षा, शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और रोजगार में आरक्षण का लाभ दिलाने पर जोर दिया।
मोबाइल कोर्ट में मुख्य चिकित्साधिकारी को सप्ताह में तीन दिन दिव्यांग बोर्ड आयोजित करने और विशिष्ट दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। लंबित आवेदनों को भी जल्द निपटाने को कहा गया। मेडिकल बोर्ड ने पूर्णिमा अवस्थी और संजय कुमार को मौके पर ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए।
आवास योजना में निर्धारित आरक्षण के तहत पात्र दिव्यांगजनों को आवास उपलब्ध कराने के लिए डूडा के परियोजना अधिकारी को निर्देशित किया गया। वहीं, पुलिस विभाग को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। मोबाइल कोर्ट में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे


