Gorakhpur । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्र सम्मान समारोह में शिक्षकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के चरित्र, व्यवहार और भविष्य निर्माण की मजबूत नींव है।

मारपीट नहीं, प्यार और समझ से दें शिक्षा
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बच्चों के साथ किसी भी स्थिति में मारपीट नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डांट या पिटाई से बच्चा डर और जिद की ओर जा सकता है, जबकि प्रेम और प्रेरणा से दी गई शिक्षा लंबे समय तक प्रभाव डालती है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों को कहानियों, कविताओं और अच्छे उदाहरणों के माध्यम से पढ़ाएं, जिससे पढ़ाई रोचक बने।
शिक्षक बनाते हैं समाज की नींव
सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक और शिक्षामित्र समाज की आधारशिला हैं। आज जो बच्चे पढ़ रहे हैं, वही आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर, किसान, पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और नेता बनेंगे। इसलिए शिक्षकों की भूमिका सिर्फ शिक्षा देने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज निर्माण में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जैसा पौधा रोपेंगे, वैसा ही भविष्य तैयार होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा एक बीज की तरह है, जिसे सही दिशा और संस्कार दिए जाएं तो वह मजबूत वृक्ष बनता है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को अच्छा वातावरण मिलेगा, तो वे आगे चलकर जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। इसलिए शिक्षकों को सकारात्मक सोच के साथ कार्य करना चाहिए।
स्कूल चलो अभियान को बनाएं जन आंदोलन
सीएम ने “स्कूल चलो अभियान” को और प्रभावी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र और शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षक समय से पहले स्कूल पहुंचे और बच्चों के साथ संवाद बढ़ाएं।
स्वच्छता और अनुशासन पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने बच्चों की स्वच्छता, अनुशासन और पहनावे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे साफ-सुथरे कपड़ों में स्कूल आएं, नियमित स्नान करें और अच्छे संस्कार अपनाएं। इसके लिए अभिभावकों को भी जागरूक करना जरूरी है ताकि बच्चों में अनुशासन की आदत विकसित हो।
आंगनवाड़ी और स्कूलों का अनुभव साझा किया
सीएम योगी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे लगातार स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों को खेल-खेल में सिखाने से उनकी सीखने की क्षमता तेजी से बढ़ती है और शिक्षा अधिक प्रभावी बनती है।
अच्छी शिक्षा से बनेगा सशक्त भारत
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही सशक्त समाज और विकसित भारत की नींव है। यदि शिक्षक समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करेंगे तो आने वाली पीढ़ी मजबूत, संस्कारित और आत्मनिर्भर बनेगी।


