वर्षों से लंबित परियोजनाओं को मिली रफ्तार, खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान
Lucknow । उत्तर प्रदेश में खेल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में लंबे समय से अधर में लटके सहारनपुर और फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज अब पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं। इन दोनों कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पढ़ाई और प्रशिक्षण की शुरुआत होगी।
लंबे इंतजार के बाद पूरा हुआ निर्माण कार्य
फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज की स्वीकृति वर्ष 2011 में मिली थी और निर्माण कार्य भी उसी साल शुरू हुआ था, जिसे 2018 तक पूरा होना था, लेकिन परियोजना समय पर पूरी नहीं हो सकी। इसी तरह सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज का काम भी वर्षों तक रुका रहा। योगी सरकार ने इन दोनों परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य पूरा कराया और अब संचालन की तैयारी अंतिम चरण में है।
यूपी में बढ़कर 5 हुए स्पोर्ट्स कॉलेज
इन दो नए कॉलेजों के शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में स्पोर्ट्स कॉलेजों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी। पहले से लखनऊ, गोरखपुर और सैफई (इटावा) में स्पोर्ट्स कॉलेज संचालित हैं, जबकि बलिया में एक अन्य कॉलेज पर काम जारी है।
कक्षा 9 से होगा प्रवेश, 80-80 सीटों की व्यवस्था
दोनों नए स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा 9 से प्रवेश मिलेगा। फतेहपुर में एथलेटिक्स, हॉकी, हैंडबॉल और कुश्ती जैसे खेल शामिल होंगे, जबकि सहारनपुर में जूडो, बॉक्सिंग और भारोत्तोलन जैसे नए खेल भी जोड़े गए हैं। दोनों कॉलेजों में 80-80 सीटें निर्धारित की गई हैं।
हर मंडल में स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर का लक्ष्य
खेल विभाग के अनुसार, सरकार का लक्ष्य हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करना है, ताकि ग्रामीण और दूरदराज के खिलाड़ियों को भी बेहतर प्रशिक्षण मिल सके। विशेषज्ञ कोचिंग, आधुनिक सुविधाएं और आवासीय व्यवस्था के साथ ये संस्थान खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करेंगे।
इस फैसले से प्रदेश में खेल संस्कृति को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।


