18 हजार रुपये मानदेय और कैशलेस इलाज की सुविधा से शिक्षामित्रों में उत्साह, गोरखपुर में गूंजा आभार
Gorakhpur । प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों के जीवन में योगी सरकार के निर्णयों ने नई ऊर्जा और आत्मसम्मान का संचार किया है। मानदेय में 80 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 18 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने और पांच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज सुविधा की घोषणा के बाद शिक्षामित्रों में खुशी की लहर है। गोरखपुर में आयोजित प्रदेशस्तरीय शिक्षामित्र सम्मान समारोह में पहुंचे शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति खुलकर आभार जताया और कहा कि उन्होंने वर्षों की उपेक्षा को दूर कर दिल जीत लिया है।

गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित यह समारोह भव्य और उत्साहपूर्ण रहा। लगभग 1500 लोगों की क्षमता वाला प्रेक्षागृह शिक्षामित्रों से खचाखच भरा रहा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिक्षामित्र मुख्यमंत्री को सुनने और सम्मान प्राप्त करने के लिए उपस्थित रहे।
“परिवार में खुशी का माहौल”
कासगंज से आए शिक्षामित्र तेजभान सिंह ने कहा कि मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़कर 18 हजार रुपये होने से आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अब परिवार में खुशी का माहौल है और वे खुद को सम्मानजनक स्थिति में महसूस कर रहे हैं।
महराजगंज की शिक्षामित्र शशिप्रभा सिंह ने प्रतीकात्मक चेक प्राप्त करते हुए भावुक होकर कहा कि यह निर्णय शिक्षामित्रों के जीवन में राहत लेकर आया है। साथ ही कैशलेस इलाज की सुविधा भी उनके लिए बड़ी मदद साबित होगी।कुशीनगर की अनुराधा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों की लंबे समय से चली आ रही पीड़ा को समझा और उसका समाधान किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सम्मान से जुड़ा है।
गोरखपुर की फारिहा तबस्सुम ने कहा कि शुरुआती दौर में जहां 3500 रुपये मानदेय मिलता था, वहीं अब 18 हजार रुपये मिलना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इसे शिक्षामित्रों के लिए ऐतिहासिक राहत बताया।
शैक्षिक प्रदर्शनी में दिखी प्रतिभा, सीएम हुए प्रभावित
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा लगाई गई शैक्षिक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान समेकित शिक्षा के स्टाल पर बच्चों की प्रतिभा और सीखने की क्षमता ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया।
मुख्यमंत्री ने कॉक्लियर इंप्लांट की सहायता से स्पीच थेरेपी ले रही बालिका से संवाद किया और उसकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। वहीं श्रवण बाधित छात्रा से साइन लैंग्वेज में बातचीत कर उसके सीखने के अनुभव को समझा।इसके अलावा दृष्टिबाधित बालिका ने ब्रेल लिपि में पाठ पढ़कर सुनाया, जिसे सुनकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह बेसिक शिक्षा विभाग की प्रगति और समावेशी शिक्षा प्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण है।


