Sano । भारत और जापान की पुरुष क्रिकेट के बीच यहां खेले गये ऐतिहासिक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय टीम को बड़ी मुश्किल ने 2 रनों से जीत मिली। जापान के सानों में हुए इस रोमांचक मुकाबले में अंतिम गेंद तक संघर्ष चला । यह मुकाबला भारत और जापान के बीच राजनीतिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मारुति-सुजुकी कप के तहत खेला गया था।
यह मैच, उम्मीद से कहीं ज्यादा रोमांचक और अप्रत्याशित साबित हुआ। किसी ने नहीं सोचा था कि तीन बार की विश्व चैंपियन भारतीय टीम को एक नई टीम के खिलाफ जीत के लिए इतना संघर्ष करन पड़ेगा।
मैच की शुरुआत ही अप्रत्याशित हालातों का सामान करना पड़ा। चक्रवात और खराब मौसम के चलते मैदान गीला था, जिसने 20-20 ओवर के मुकाबले को केवल पांच-पांच ओवर का किया गया। इन विषम परिस्थितियों में, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए मुश्किलें और बढ़ गईं। पिच धीमी और टर्निंग थी, जिस पर भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए जमकर पसीन बहाना पड़ा।
भारतीय टीम पांच ओवर में चार विकेट पर केवल 32 रन ही बना पाई। यह स्कोर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी शीर्ष टीम के लिए बेहद कम माना जाता है। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 12 गेंदों में सबसे अधिक 16 रन बनाये। उनके अलावा कोई भी भारतीय बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। अभिषेक शर्मा खाता भी नहीं खोल पाए, जबकि संजू सैमसन ने सात गेंदों में नौ और ईशान किशन ने छह गेंदों में सिर्फ तीन रन बनाए। बड़े शॉट्स लगाने की कोशिश में भारतीय खिलाड़ी लगातार विकेट आउट होते गये। इसके बाद जापानी टीम लक्ष्य का पीछा करने उतरी।
जापानी बल्लेबाजों ने भी धीमी पिच पर भारतीय बल्लेबाजों जैसी गलतियां की पर उन्होंने हर गेंद पर रन बनाये के प्रयास किये। उसने अपने खेल से भारतीय टीम को घुटनों पर आने मजबूर कर दिया। जापान को जीत के लिए आखिरी गेंद पर चौके की जरूरत थी। भारतीय स्पिनरों अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरा और अंततः जापान के बल्लेबाज चौका लगाने में विफल रहे। भारत ने यह बेहद करीबी मुकाबला जीत लिया, लेकिन इस जीत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारतीय टीम ने इस मैच में एक भी तेज गेंदबाज या मीडियम पेसर का इस्तेमाल नहीं किया, जो शायद परिस्थितियों के अनुकूल एक रणनीति थी। हालांकि, एक मजबूत टीम के रूप में भारत का जापान के खिलाफ इस कदर संघर्ष करना, टीम की आगामी चुनौतियों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक हो सकता है।


