New delhi । चक्रवात अर्नब कमजोर पड़ गया है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी सिस्टम से एक और तूफान की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 72 घंटों में मजबूत हो सकता है। हालांकि, इसके चक्रवात बनने और दिशा को लेकर अभी स्पष्ट अनुमान नहीं है। चक्रवात के असर से गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश हुई।
इससे मौसम ठंडा हो गया।आईएमडी के मुताबिक, गुरुवार सुबह अर्नब का कमजोर हुआ सिस्टम दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर था। उधर, दक्षिण अंडमान सागर में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र कम दबाव में बदल गया है। इसके मजबूत होने पर बारिश और तेज हवाओं के साथ यह चक्रवात का रूप ले सकता है। मौसम विभाग ने नए सिस्टम के चक्रवात बनने की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल इसकी तीव्रता और दिशा पर नजर रखी जा रही है।
चक्रवात अर्नब से भारी नुकसान
चक्रवात अर्नब के कारण ओडिशा, आंध्र प्रदेश और आसपास के राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है।ओडिशा के गंजाम जिले में करीब 300 गांव प्रभावित हैं, जबकि रुशिकुल्या नदी उफान पर है। आंध्र प्रदेश में चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में छह लोगों की मौत हो चुकी है। हावड़ा-चेन्नई मार्ग पर नौ ट्रेनें रद्द और 14 के रूट बदले गए।
31 से शुरू होगा ठंड का दौर
मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का सिलसिला थमने और आसमान साफ होते ही न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज होगी। इसके असर से 31 अक्तूबर से रात के वक्त ठंड जोर पकड़ने लगेगी।

