Mumbai । बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार जल्द ही क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘हैवान’ में खलनायक की भूमिका में नजर आने वाले हैं। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने कई फिल्मों में विलेन, अपराधी और नेगेटिव किरदारों को पर्दे पर उतारा है। अक्षय कुमार को मुख्य रूप से एक्शन और कॉमेडी फिल्मों के हीरो के तौर पर पहचान मिली है, लेकिन उनके फिल्मी सफर में कुछ ऐसे किरदार भी रहे हैं।
, जिनमें उनका बिल्कुल अलग अंदाज देखने को मिला। वर्ष 1997 की फिल्म ‘अफलातून’ में उन्होंने राजा और रॉकी की दोहरी भूमिका निभाई थी। राजा एक छोटा-मोटा चोर था, जबकि रॉकी बेरहम और खतरनाक हत्यारा था। दोनों की शक्ल एक जैसी होने के कारण कहानी में कई दिलचस्प मोड़ आए। वर्ष 2000 में आई ‘खिलाड़ी 420’ में अक्षय ने देव कुमार मल्होत्रा और आनंद कुमार मल्होत्रा की दोहरी भूमिका निभाई। देव एक शातिर ठग था, जो खुद को सफल कारोबारी बताकर रितु को अपने प्रेमजाल में फंसाता है और उसकी संपत्ति हड़पने की साजिश रचता है।
वहीं, भाई आनंद को देव के अपराधों का पता चलने के बाद वह रितु की मदद करता है। 2001 की सस्पेंस थ्रिलर ‘अजनबी’ अक्षय के करियर में खास महत्व रखती है। इसमें उन्होंने विक्रम बजाज यानी विक्की का चालाक और नकारात्मक किरदार निभाया था। इस भूमिका के लिए उन्हें करियर का पहला फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार मिला। 2013 में ‘वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई दोबारा’ में उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन शोएब खान का किरदार निभाया।
इसके बाद 2018 की फिल्म ‘2.0’ में अक्षय ने पक्षीराजन का किरदार निभाकर अपने अभिनय का एक और अलग रूप दिखाया। पक्षीराजन पक्षियों की रक्षा के लिए समर्पित वैज्ञानिक था, जो बाद में फिल्म का प्रमुख विरोधी बन जाता है। इस किरदार के लिए अक्षय को रोजाना करीब चार से छह घंटे प्रोस्थेटिक मेकअप से गुजरना पड़ता था।
अब ‘हैवान’ में उनका नया नेगेटिव किरदार दर्शकों के लिए कितना प्रभावी साबित होता है, यह देखना दिलचस्प होगा। बता दें कि भारतीय सिनेमा में लंबे समय तक अभिनेताओं की पहचान कुछ खास तरह के किरदारों तक सीमित रही, लेकिन अब कलाकार अलग-अलग जॉनर और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं के साथ प्रयोग कर रहे हैं।


