प्रगणकों को दिव्यांगता, भाषा, आर्थिक गतिविधियों और प्रवासन संबंधी विवरण भरने का कराया अभ्यास
Kanpur । जनगणना के आंकड़ों को सटीक बनाने के लिए प्रगणकों को प्रश्नावली भरने की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। मंगलवार को जोन-6 के रावतपुर स्थित नगर निगम बालिका इंटर कॉलेज, सर्वोदय नगर में प्रशिक्षण के दूसरे दिन विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से जानकारी दर्ज करने का अभ्यास कराया गया। इसमें साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, दिव्यांगता और आर्थिक गतिविधियों से संबंधित बिंदुओं को विस्तार से समझाया गया।

फील्ड ट्रेनर राजा भानु प्रकाश द्विवेदी और आनंद द्विवेदी ने पहले दिन पढ़ाए गए विषयों का दोहराव कराया। इसके बाद प्रश्न संख्या 11 से 30 तक की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक प्रश्न का उत्तर सावधानी से दर्ज करना जरूरी है। प्रशिक्षण में माता-पिता के विवरण, दिव्यांगता के नौ प्रकार, मातृभाषा का निर्धारण और अन्य दो भाषाओं की जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई।
ई-मेल और वेबसाइट की जानकारी जरूरी
प्रशिक्षकों ने डिजिटल साक्षरता के मानकों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि ई-मेल भेजने और वेबसाइटों पर जानकारी खोजने का ज्ञान डिजिटल साक्षरता के आकलन में महत्वपूर्ण है। केवल वीडियो कॉल करने या ऑनलाइन भुगतान करने के आधार पर किसी व्यक्ति को डिजिटल साक्षर नहीं माना जाएगा।प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक गतिविधियों से जुड़े प्रश्नों में दीर्घकालिक, अल्पकालिक और अर्ध-अल्पकालिक कर्मियों की श्रेणियों की जानकारी दी गई।

इसके साथ ही प्रवासन संबंधी विवरण भरने और प्रवासन के कारणों का सही उल्लेख करने का तरीका भी बताया गया।
प्रशिक्षकों ने प्रगणकों को निर्देश दिए कि प्रश्नों को ठीक से समझकर उपलब्ध जानकारी के आधार पर विवरण दर्ज करें। इससे जनगणना के आंकड़ों में त्रुटियों की आशंका कम होगी और सूचनाओं का संकलन व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

