“प्रतिमा कहां है?” सवाल पर आमने-सामने आए सपा-भाजपा नेता
Kanpur । कानपुर में पंडित गणेश शंकर विद्यार्थी की प्रतिमा को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। स्कूल शिलान्यास विवाद के बाद अब यह मामला शहर की राजनीति का नया केंद्र बन गया है। समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तीखा होता जा रहा है।
आर्यनगर से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने जिला प्रशासन को खून से पत्र लिखकर प्रतिमा का पता बताने और उसे दोबारा सम्मानपूर्वक स्थापित कराने की मांग की। इस कदम के बाद शहर की सियासत में हलचल बढ़ गई है।
माल रोड पर प्रदर्शन, भाजपा पार्षद पर लगाए आरोप
सपा विधायक कार्यकर्ताओं के साथ माल रोड पहुंचे और वहां भाजपा नेताओं व प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। विधायक ने आरोप लगाया कि महान स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की प्रतिमा महीनों से गायब है, लेकिन प्रशासन अब तक चुप्पी साधे हुए है।
उन्होंने भाजपा पार्षद विकास जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रतिमा हटाने के पीछे वही जिम्मेदार हैं। विधायक ने कहा कि शहर की ऐतिहासिक विरासत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की अनदेखी हो रही है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
सपा विधायक ने पुलिस और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इतने संवेदनशील मामले में अब तक कोई स्पष्ट जानकारी या कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा और सपा नेताओं के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है। राजनीतिक दल एक-दूसरे पर शहर का माहौल खराब करने के आरोप लगा रहे हैं।
जनता के बीच भी चर्चा तेज
प्रतिमा विवाद अब आम जनता और प्रबुद्ध वर्ग के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि शहर में विकास और जनसमस्याओं की बजाय राजनीतिक टकराव ज्यादा हावी होता जा रहा है।
फिलहाल, विधायक के खून से लिखे पत्र के बाद अब सभी की नजर जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।


