Kanpur । उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों की कानून-व्यवस्था और विशेष अपराधों की समीक्षा की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, साइबर अपराध, लंबित विवेचनाएं, यातायात प्रबंधन और लापता बच्चों से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान डीजीपी ने 60 और 90 दिनों से लंबित विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण, ई-साक्ष्य और ई-सम्मन प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन तथा यक्ष ऐप के माध्यम से पुलिस कार्रवाई की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। थानों और पुलिस कार्यालयों में जनसुनवाई को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में लापता और बरामद बच्चों की स्थिति, मीडिया प्रबंधन, नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन दहन तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। डीजीपी ने बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, सड़क दुर्घटनाओं में मौतों को शून्य करने के लक्ष्य के तहत ‘जीरो फेटालिटी डिस्ट्रिक्ट’ बनाने और शहरों को जाम से राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कानपुर जोन की अपर पुलिस महानिदेशक अनुपम कुलश्रेष्ठ ने भी भाग लिया। उन्होंने डीजीपी को कानपुर जोन के सभी जिलों में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध पर कार्रवाई और यातायात सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। एडीजी ने भरोसा दिलाया कि जोन के सभी जनपदों में अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।


