विश्वविद्यालय में बन रहे नए क्रिकेट स्टेडियम का करार होने के करीब
Kanpur । ग्रीन पार्क स्टेडियम का जीर्णोद्धार और कमला क्लब की लीज खत्म होने के बाद उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ( यूपीसीए) जल्द ही अपना नया क्रिकेट सेंटर बनाने जा रहा है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्व विद्यालय (सीएसजेएमयू) कानपुर में बन रहे नए क्रिकेट स्टेडियम को यूपीसीए अपना नया ठिकाना बनाने के लिए पूरे जी जान से जुटा है। इसके लिए यूपीसीए सचिव पिछले कुछ समय से लगातार सीएसजेएमयू के कुलपति से संपर्क साध रहे हैं। सूत्रों की माने तो सीएसजेएमयू और यूपीसीए में जल्द ही एमओयू साइन हो सकता है। इसके लिए पैसों का लेन-देन फाइनल होना बाकी है।
वाराणसी में अपना पहला क्रिकेट स्टेडियम बनाने के करीब यूपीसीए अब कानपुर में नया मैदान तलाश रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण ग्रीन पार्क स्टेडियम और कमला क्लब में खेल गतिविधियों का अवरोध होना है। गौरतलब है कि राज्य सरकार 350 करोड़ रुपए से ग्रीन पार्क स्टेडियम का कायाकल्प कराने जा रहा है। जिसका कार्य अगले वर्ष फरवरी माह तक शुरू होने की उम्मीद है।
जिसके बाद ग्रीन पार्क में अगले दो से तीन साल तक स्टेडियम में खेल गतिविध नहीं हो सकेंगी। उधर यूपीसीए का स्थायी ठिकाना रहे कमला क्लब की भी लीज इस साल समाप्त हो चुकी है। जहां टूट-फूट का काम भी चल रहा है हालांकि अभी भी वहां ट्रायल व कैम्प संचालित हो रहे हैं लेकिन अगले साल यहां भी सभी गतिविधि खत्म हो जायेंगी। ऐसी सूरत में यूपीसीए को अपने सभी ट्रायल व कैम्प संचालित करने के लिए एक स्तरीय मैदान की आवश्यक्ता थी। उन्नाव में पड़ी जमीन को बनाने के लिए यूपीसीए ने पहल तो की लेकिन वहां काफी समय लगेगा इसलिए यूपीसीए ने सीएसजेएमयू में बन रहे नए क्रिकेट स्टेडियम को एमओयू के तहत लेने का मन बनाया है। इसके लिए यूपीसीए अधिकारी लगातार कुलपति से संपर्क साधे हुए हैं।
यूपीसीए ने करार के लिए रखे दो विकल्प
यूपीसीए ने विश्वविद्यालय को करार करने के लिए दो विकल्प दिये हैं, जिसमें पहला पचास हजार महीना, पूरे स्टेडियम का मेन्टीनेंस तथा एक स्थायी कोच जो विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों को भी प्रशिक्षण देगा। वहीं दूसरा विकल्प 1.50 लाख रुपए महीना, एक कोच तथा 100 बेड का छात्रावास लेकिन इसमें मेन्टीनेंस शामिल नहीं होगा। सूत्र बताते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन पहले विकल्प को लेकर इच्छुक है लेकिन वह पैसा अधिक चाहता है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर अंतिम फैसला हो जायेगा। यूपीसीए व सीएसजेएमयू के बीच यह करार पहले एक साल का होगा इसके बाद इसे दस साल के लिए बढ़ाया जायेगा।
ड्रेनेज सिस्टम के साथ लाल, काली और कालाहांडी मिट्टी की कुल सात पिचे
सीएसजेएमयू में बन रहे नए क्रिकेट स्टेडियम को लेकर यूपीसीए इसलिए भी काफी उत्साहित है क्योंकि यहां वह सभी सुविधाएं मौजूद हैं जो किसी भी राष्ट्रीय स्तर के मैदान में होनी चाहिए। सीएसजेएमयू में बने नए मैदान का काम यूपीसीए के पूर्व मुख्य पिच क्यूरेटर दिवंगत शिवकुमार ने किया था। उन्होंने यहां लाल, काली और कालाहांडी मिट्टी से बनी कुल सात पिचों का निर्माण किया जो अभी तक कानपुर में यूपीसीए के पास उपलब्ध नहीं थी। इस सात पिचों में एक लाल, दो काली, एक लाल-काली मिक्स, दो कालाहांडी और एक कालाहांडी व काली मिक्स पिच है। इसके साथ ही मैदान में ड्रेनेज सिस्टम भी मौजूद है जिससे यहां बारिश बाधा नहीं डाल पायेगी।
भविष्य में यूपी टी-20 और केपीएल जैसे आयोजन भी हो सकेंगे संभव
यूपीसीए को यह मैदान मिलने से सबसे बड़ा फायदा खिलाड़ियों को होगा जिससे वह सभी तरह की मिट्टी पर ट्रायल व अभ्यास कर खुद को पांरगत कर सकेंगे। इसके अलावा विश्वविद्यालय में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम है साथ ही वहां मौजूद गेस्ट हाउस खिलाड़ियों के ठहरने के लिहाज से भी काफी मुफीद होगा। इस स्टेडियम में भविष्य में दर्शक दीर्घा व फ्लड लाइट भी लगायी जा सकती है। उम्मीद है कि इस स्टेडियम के पूरी तरह तैयार होने के बाद यूपीसीए यहां घरेलू प्रतियोगिताएं आयोजित कर इसे बीसीसीआई की लिस्ट में शामिल करा दे। जिससे शहर को नया क्रिकेट सेंटर मिलेगा और यहां केपीएल और यूपी टी-20 लीग जैसे आयोजन भी हो सके।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि यूपीसीए की ओर से प्रस्ताव आया है। दोनों संस्थान के पदाधिकारी समझौते को लेकर चर्चा कर रहे हैं। जल्द अंतिम फैसला लिया जाएगा।


