योगी सरकार की मॉनिटरिंग से तेज हुआ डिजिटल मूल्यांकन, 63% स्कूलों ने अपनाई नई व्यवस्था
Lucknow।, 22 अप्रैल।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की परिषदीय शिक्षा व्यवस्था तेजी से डिजिटल और पारदर्शी मॉडल की ओर बढ़ रही है। ‘निपुण विद्यालय मूल्यांकन’ के तहत प्रदेश के 1.06 लाख से अधिक स्कूलों का आकलन किया गया, जिनमें से 67 हजार से ज्यादा विद्यालय अब स्टूडेंट रिपोर्ट कार्ड सिस्टम से जुड़ चुके हैं। यह कुल का करीब 63 प्रतिशत है, जो शिक्षा में डिजिटल बदलाव की गति को दर्शाता है।
डिजिटल रिपोर्ट कार्ड प्रणाली के जरिए अब छात्रों की प्रगति का मूल्यांकन अधिक सटीक और रियल-टाइम में संभव हो गया है। इस व्यवस्था में छात्रों के अंक, ग्रेड, उपस्थिति और समग्र प्रदर्शन का डेटा ऑनलाइन उपलब्ध रहता है, जिससे अभिभावक घर बैठे बच्चों की पढ़ाई की पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं। इससे शिक्षकों और अभिभावकों के बीच संवाद भी बेहतर हुआ है।
सरकार की ‘डिजिटल गवर्नेंस’ और ‘रिजल्ट आधारित मॉनिटरिंग’ की नीति का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। शिक्षा व्यवस्था पारंपरिक ढांचे से आगे बढ़कर डेटा-आधारित और परिणामोन्मुखी बन रही है, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता दोनों में वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट कार्ड डाउनलोड में कई जनपदों ने शानदार प्रदर्शन किया है। बागपत, गाजियाबाद, सहारनपुर और सिद्धार्थनगर ने 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर शीर्ष स्थान पाया है।
वहीं संत कबीर नगर, फिरोजाबाद, फतेहपुर, अंबेडकर नगर, चंदौली और मऊ जैसे जिलों ने भी 90 प्रतिशत से अधिक प्रगति दर्ज की है।इसके अलावा जालौन, कुशीनगर, कानपुर देहात, गौतम बुद्ध नगर, कासगंज, पीलीभीत, अमेठी, गोंडा, एटा, सुल्तानपुर और हापुड़ भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल हैं। डिजिटल पहल के इस विस्तार से स्पष्ट है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था अब तकनीक आधारित नई दिशा में आगे बढ़ रही है।


