40.32 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रहा लाभ
साल में चार किस्तों में जारी होती है पेंशन
2021 में राशि 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति माह
पीएफएमएस के जरिए सीधे खाते में ट्रांसफर
2016-17 में 17.31 लाख, अब संख्या 40 लाख पार
पात्रता: आय 2 लाख से कम, आयु 18 वर्ष से अधिक
सरकार का लक्ष्य—कोई भी पात्र महिला न रहे वंचित
Lucknow । प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर योगी सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर असर दिखा रही हैं। निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना के तहत अब 40 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल रही है। सरकार का फोकस है कि कोई भी पात्र महिला इस योजना के लाभ से वंचित न रह जाए और जरूरतमंदों तक समय पर मदद पहुंचे।
40 लाख से अधिक को मिल रहा लाभ
महिला कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश की 40,32,629 महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। पहले जहां वर्ष 2016-17 तक करीब 17.31 लाख महिलाएं ही इस योजना से जुड़ी थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 40 लाख के पार पहुंच गई है। यह वृद्धि दर्शाती है कि सरकार लगातार ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद महिलाओं को योजना से जोड़ रही है।
चार किस्तों में मिलती है पेंशन
योजना के तहत पेंशन की राशि साल में चार किस्तों में जारी की जाती है। प्रत्येक किस्त में तीन महीने की धनराशि एक साथ लाभार्थियों के आधार लिंक बैंक खातों में पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से सीधे ट्रांसफर की जाती है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है।
राशि बढ़ाकर 1000 रुपये की गई
सरकार ने वर्ष 2021 में एक बड़ा निर्णय लेते हुए विधवा पेंशन की राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति माह कर दी थी। इस फैसले से लाखों महिलाओं को अतिरिक्त आर्थिक सहारा मिला है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
पात्रता के तय मानक
योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को दिया जाता है, जो उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हों, जिनके पति का निधन हो चुका हो, जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो और परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम हो। इन मानकों के जरिए सुनिश्चित किया जाता है कि सहायता वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।
सरकार का लक्ष्य—कोई न रहे वंचित
महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित न रहे। यह योजना महिलाओं को आर्थिक मदद के साथ आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने की दिशा में भी आगे बढ़ा रही है।


