कहीं गूंजे वैदिक मंत्र तो कहीं पढ़ा गया निकाह, जनप्रतिनिधियों ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद
Kanpur । किसी के चेहरे पर नई जिंदगी शुरू करने की खुशी थी तो किसी की आंखों में बेटी की विदाई की नमी। शहनाई की मधुर धुन, फूलों से सजा मंडप और वैदिक मंत्रों के बीच शुक्रवार को भीतरगांव के क्षत्रिय पैलेस में 93 जोड़ों के जीवन की नई कहानी शुरू हुई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित समारोह में 85 जोड़ों ने सात फेरे लिए, जबकि आठ जोड़े निकाह के बंधन में बंधे।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देकर उनके सुखमय जीवन की कामना की।हमीरपुर रोड स्थित कठेरुआ के क्षत्रिय पैलेस में सुबह से ही विवाह की तैयारियां शुरू हो गई थीं। मुख्य द्वार पर शहनाई की धुन के साथ बारातियों और परिजनों का स्वागत किया गया। मंडप में मंत्रोच्चार के बीच विवाह की रस्में पूरी हुईं तो दूसरी ओर मुस्लिम जोड़ों का निकाह उनकी परंपरा के अनुसार संपन्न कराया गया। स्थानीय कलाकारों की राधा-कृष्ण रासलीला ने समारोह में सांस्कृतिक रंग भी भर दिए।

किस वर्ग के कितने जोड़े बने हमसफर
समारोह में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 66, अन्य पिछड़ा वर्ग के 18, सामान्य वर्ग का एक और अल्पसंख्यक वर्ग के आठ जोड़े शामिल रहे। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आयोजित इस योजना ने कई परिवारों की जिम्मेदारी आसान की।
नई गृहस्थी के लिए मिलेगी मदद
जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि योजना में प्रत्येक जोड़े पर एक लाख रुपये का प्रावधान है। इसमें 64 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में ऑनलाइन भेजे जाएंगे। 21 हजार रुपये की उपहार सामग्री दी जाएगी, जबकि 15 हजार रुपये आयोजन की व्यवस्थाओं पर खर्च होंगे।
समारोह में ब्लॉक प्रमुख अशोक कुमार सचान, एसडीएम घाटमपुर, बीडीओ भीतरगांव गिरीश मिश्र, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विनय कुमार उत्तम, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी बीरपाल समेत अन्य अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

