अयोध्या में शिव मंदिर पर धर्म ध्वजारोहण, बोले-जहां राम हैं, वहां विजय तय
Ayodhya । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित शिव मंदिर के शिखर पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धर्म ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव और रामलला का विधिवत दर्शन-पूजन कर आरती उतारी। कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला।
राम, कृष्ण और शिव जोड़ते हैं भारत को
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु राम, श्रीकृष्ण और भगवान शिव भारत को एक सूत्र में बांधने की शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम उत्तर को दक्षिण से, श्रीकृष्ण पूर्व को पश्चिम से और भगवान शिव द्वादश ज्योतिर्लिंगों के माध्यम से पूरे देश को जोड़ते हैं। यही हमारी सांस्कृतिक एकता की पहचान है और यही भारत की सबसे बड़ी ताकत भी है।
जहां राम हैं, वहां विजय सुनिश्चित
सीएम योगी ने कहा कि जहां अयोध्या और राम होंगे, वहां विजय निश्चित है। उन्होंने कहा कि सम-विषम परिस्थितियों में भी हमें अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने नई अयोध्या का जिक्र करते हुए कहा कि आज यह नगरी विकास और आस्था का संगम बन चुकी है और दुनिया इसके मॉडल को देख रही है।
महापुरुषों को जातीयता में न बांटें
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि महापुरुषों को जातीयता के दायरे में न बांटा जाए। उन्होंने कहा कि समाज को विभाजित करने का प्रयास देश की एकता और अखंडता के लिए घातक है। ऐसे तत्वों से सावधान रहना जरूरी है जो समाज में भेदभाव फैलाने का प्रयास करते हैं।
राम मंदिर आंदोलन ऐतिहासिक
सीएम योगी ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को भारत के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सदियों के संघर्ष, तप और त्याग का परिणाम है। समाज के हर वर्ग—गांव, शहर, वनवासी, साधु-संत और आम जन—ने इसमें भागीदारी की और एक ही भावना रखी कि प्रभु राम का भव्य मंदिर बने।
देशभर में गूंजता है ‘जय श्रीराम’
उन्होंने कहा कि आज देश के हर कोने में “जय श्रीराम” का उद्घोष सुनाई देता है। अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, ओडिशा, गुजरात, कश्मीर और दक्षिण भारत तक लोग इसी भाव से एक-दूसरे का अभिवादन करते हैं। यह राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बन गया है।
फैसले का दिन रहा ऐतिहासिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले का दिन भारत के इतिहास के सबसे शांत और खुशहाल दिनों में से एक था। इसके बाद 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन और 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक आयोजन हुआ, जिसे देश-दुनिया ने देखा।
मंदिर निर्माण से बढ़ा उत्साह
उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के बाद देश-दुनिया में उत्साह का माहौल है। लोग भावुक होकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने और हर आंख में खुशी के आंसू थे। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और आस्था का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब समाज एकजुट होता है तो कोई भी बाधा उसे रोक नहीं सकती। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे एकता बनाए रखें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।समारोह में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। संचालन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किया।


