Mumbai। आजकल सीमित ओवरों के क्रिकेट के प्रति लोग आकर्षित हो रहे हैं। पर इसके बाद भी टेस्ट क्रिकेट का रोमांच भूला नहीं जा सकता है। इसका कारण है कि लंबे प्रारुप में ही किसी खिलाड़ी की असली परीक्षा होती है। टेस्ट क्रिकेट में कई क्रिेकेटरों ने एक से बढ़कर एक पारियां खेली है। इस दौरान बल्लेबाजों के बीच कई ऐतिहासिक साझेदारियां भी हुई हैं। ये साझेदारियां ऐसी रही जो रनों के साथ ही क्रीज पर खेल रहे दो बल्लेबाजों के धैर्य, दृढ़ संकल्प और आपसी तालमेल को बयां करती हैं। टेस्ट क्रिकेट में ऐसी ही कुछ ऐतिहासिक साझेदारियां हुई हैं।
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी का विश्व कीर्तिमान श्रीलंका के कुमार संगकारा और माहेला जयवर्धने के नाम दर्ज है और आज तक इसे कोई जोड़ी नहीं तोड़ पायी है। जुलाई 2006 में कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उतरे इन दोनों दिग्गजों ने तीसरे विकेट के लिए रिकॉर्ड तोड़ 624 रन बना दिये। तब संगकारा ने 287 और कप्तान जयवर्धने ने 374 रनों की अविस्मरणीय पारी खेली, इससे डेल स्टेन और मखाया एनटिनी जैसे दिग्गज तेज गेंदबाजों भी बेबस नजर आये थे।
यह साझेदारी आज भी अटूट है और श्रीलंका की ऐतिहासिक जीत की नींव बनी।वहीं इससे एक दशक पहले, 1997 में कोलंबो के ही प्रेमदासा स्टेडियम में सनथ जयसूर्या और रोशन महानामा की श्रीलंकाई जोड़ी ने भारतीय टीम के खिलाफ दूसरे विकेट के लिए 576 रनों की साझेदारी की थी। तब जयसूर्या ने आक्रामक 340 रन बनाए, जबकि महानामा ने 225 रनों की धैर्यपूर्ण पारी खेली। इस साझेदारी ने श्रीलंका को 6 विकेट पर 952 रनों का टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा टीम स्कोर बनाने में मदद की, और भारतीय टीम को तीन दिनों तक सिर्फ फील्डिंग करनी पड़ी।
वहीं साल 1991 में वेलिंगटन में श्रीलंका के खिलाफ, पहली पारी में पिछड़ने के बाद न्यूजीलैंड की टीम की ओर से एंड्रयू जोंस और महान बल्लेबाज मार्टिन क्रो ने मिलकर तीसरी विकेट के लिए 467 रनों की साझेदारी की थी। तब जोंस ने 186 रन बनाए, वहीं मार्टिन ने 299 रन बनाये और वह एक रन से तिहरा शतक नहीं लगा पाये।
आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में भी लंबी साझेदारियों का चलन जारी है। हाल ही में, इंग्लैंड के जो रूट और हैरी ब्रुक ने पाकिस्तान के मुल्तान में चौथे विकेट के लिए 454 रनों की साझेदारी की। सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित साझेदारी 1934 के ओवल टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के बिल पोंसफोर्ड और महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन के बीच हुई थी। एशेज सीरीज के उस निर्णायक मुकाबले में, इन दोनों दिग्गजों ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे विकेट के लिए 451 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की।
पोंसफोर्ड ने 266 और ब्रैडमैन ने 244 रनों की आतिशी पारी खेली। ये पांचों साझेदारियां केवल रनों का अंबार नहीं हैं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट की उस अनमोल भावना को दर्शाती हैं, जहाँ धैर्य, एकाग्रता, उत्कृष्ट तकनीक और आपसी तालमेल से इतिहास रचा जाता है।


